नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार ने आईआईटी-दिल्ली के एक छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित समिति के अध्यक्ष पद से खुद को अलग कर लिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इस बीच, परिसर में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
संस्थान ने पुष्टि की है कि जल्द ही नयी समिति का गठन किया जाएगा। हालांकि, अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली ने एमएससी भौतिकी के 31 वर्षीय छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए मंगलवार को पांच सदस्यीय समिति गठित की थी।
यह कदम आक्रोशित छात्रों के परिसर में प्रदर्शन करने के बाद उठाया गया था। छात्रों के विरोध के चलते प्रशासन ने सोमवार को कक्षाएं स्थगित करने का आदेश दिया था।
समिति में उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार (जो आईआईटी-दिल्ली के पूर्व छात्र और हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के कुलपति हैं) और एम्स, नयी दिल्ली में मन: चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रताप शर्मा शामिल हैं।
इसके अलावा, दो छात्र प्रतिनिधि और आईआईटी-दिल्ली के रजिस्ट्रार भी बाहरी जांच समिति का हिस्सा थे।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘कुमार ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए समिति से खुद को अलग कर लिया है। जल्द ही नयी समिति की घोषणा की जाएगी।’’
अधिकारियों ने बताया कि संस्थान परिसर में पिछले सप्ताह कथित तौर पर एक इमारत से छलांग लगाने वाले छात्र की मौत के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।
भाषा शफीक अविनाश
अविनाश