इंफाल, 26 मई (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में छह नगा नागरिकों के अपहरण में शामिल होने के संदेह में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अपहृत लोगों को कथित तौर पर अब भी बंधक बनाकर रखा गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने सोमवार को पी मोल्डिंग और लेइलोन वाइफेई गांवों के बीच सड़क मार्ग से चार लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान थांगखोमांग खोंगसाई (51), सेखोलेट खोंगसाई (40), लुनमिनथांग डिमंगल (27) और कामगौलल खोंगसाई (30) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि इन चारों पर जिले में सक्रिय सशस्त्र ग्रामीण स्वयंसेवी समूहों के सदस्य होने का संदेह है। साथ ही इन सभी के जबरन वसूली, आपराधिक धमकी तथा हथियार एवं गोला-बारूद के अवैध कब्जे जैसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।
पुलिस के एक बयान में कहा गया है, ‘‘गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की छह लोगों के अपहरण में भूमिका होने का संदेह है और जांच के दौरान इसकी पुष्टि की जाएगी।’’
पुलिस ने कहा कि आगे की जांच जारी है।
गिरजाघर के तीन पदाधिकारियों की 13 मई को घात लगाकर हत्या किए जाने के कुछ घंटों बाद कांगपोकपी और सेनापति जिलों में हथियारबंद समूहों ने कथित तौर पर कई लोगों का अपहरण कर उन्हें बंधक बना लिया।
पुलिस ने बताया कि 31 लोगों को रिहा कर दिया गया है, जिनमें 14 नागा, 16 कुकी और एक मैतेई शामिल हैं। हालांकि, नगा समुदाय से छह लोग अब भी लापता हैं।
राज्य में कुकी जनजातियों की शीर्ष संस्था ‘कुकी इनपी मणिपुर’ ने दावा किया है कि समुदाय के 14 सदस्यों को भी नगा समूहों ने बंधक बना रखा है।
भाषा सुरभि वैभव
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