ऋण वसूली न्यायाधिकरण में लंबित मामलों को निपटाने के लिए इस साल चार लोक अदालतों की योजना

ऋण वसूली न्यायाधिकरण में लंबित मामलों को निपटाने के लिए इस साल चार लोक अदालतों की योजना

ऋण वसूली न्यायाधिकरण में लंबित मामलों को निपटाने के लिए इस साल चार लोक अदालतों की योजना
Modified Date: March 16, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: March 16, 2026 5:26 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि ऋण वसूली न्यायाधिकरणों और ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित मामलों को निपटाने के लिए वर्ष 2026 में चार विशेष लोक अदालतों की योजना बनाई गई है।

सीतारमण ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (डीआरटी) और ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण (डीआरएटी) के सामने लंबित मामलों में से अधिकतर मामले बड़ी रकम वाले हैं, खासकर वे मामले जिनमें 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक राशि शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम डीआरटी के सामने लंबित मामलों में शामिल कुल रकम को देखें, तो मुकदमे की रकम का लगभग 71 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं बड़ी रकम वाले मामलों से जुड़ा है।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने लंबित मामलों को निपटाने के लिए दो-तरफ़ा रणनीति अपनाई है।

उन्होंने कहा कि पहली रणनीति में कुछ विशिष्ट डीआरटी को सिर्फ अधिक मूल्य वाले मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है, यानी ऐसे मामले जिनमें 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रकम शामिल है।

दूसरा, बैंकों और वित्तीय संस्थानों को वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) तरीकों, जैसे लोक अदालतों और इसी तरह के अन्य मंचों के जरिए मामलों को निपटाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

भाषा वैभव हक

हक


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