नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सरिता विहार में रविवार को एक डंपर ने एक खड़ी क्रेन और यातायात पुलिस के लिए सीसीटीवी लगाने के काम में जुटे कर्मचारियों को ले जा रहे ऑटोरिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे एक कंपनी के मानव संसाधन (एचआर) प्रबंधक समेत तीन लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में से तीन एक ही परिवार के सदस्य थे, जो सीसीटीवी लगाने वाली कंपनी के लिए काम कर रहे थे। घटना के बाद तड़के 3:20 बजे मौके से फरार हुए डंपर चालक को बाद में पकड़ लिया गया।
उन्होंने बताया कि नोएडा से दिल्ली की तरफ जा रहा हरियाणा की पंजीकरण संख्या वाला एक डंपर सड़क किनारे खड़ी क्रेन से टकरा गया।
क्रेन का इस्तेमाल यातायात पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने वाले मजदूर कर रहे थे जबकि मजदूरों को ले जाने वाला एक ऑटो-रिक्शा पास ही खड़ा था।
क्रेन से टक्कर के बाद डंपर ने कथित तौर पर ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के वक्त मजदूर सीसीटीवी लगाने का काम कर रहे थे, उनमें से दो क्रेन पर थे और कैमरे लगा रहे थे, जबकि अन्य मजदूर ऑटो-रिक्शा के पास और सड़क पर थे।
टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कई मज़दूरों को गंभीर चोट आईं।
पुलिस ने बताया कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनमें से चार को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान संगम विहार निवासी उमेश (23), प्रवीण (35), अनूप (26) और मुनीरका के रहने वाले सूरज (34) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, सूरज एक प्रौद्योगिकी कंपनी में एचआर प्रबंधक के रूप में काम कर रहे थे, जबकि प्रवीण और अनूप उसी कंपनी से मजदूर के रूप में जुड़े थे।
उन्होंने बताया कि उमेश कंपनी में कार्यरत नहीं था।
घायलों की पहचान संगम विहार निवासी आकाश उर्फ तुषार (20) और रोहिणी के रहने वाले खेम सिंह (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि दोनों का इलाज किया जा रहा है।
संगम विहार निवासी एक अन्य मजदूर सुधीर बाल-बाल बच गया।
हादसे में जान गंवाने वाले तीन लोग एक ही परिवार के सदस्य थे।
प्रवीण के पिता रामदास ने कहा, ‘हमने अपना एक युवा बेटा खो दिया। वह करीब 32 साल का था। उसके दो बच्चे हैं, जिनमें से एक लगभग एक साल का और दूसरा लगभग ढाई साल का है।’
प्रवीण परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था।
रामदास ने कहा कि परिवार को हादसे के बारे में सुबह प्रवीण के साथ साइट पर गए एक व्यक्ति के जरिये पता चला।
उन्होंने कहा, ‘पहले हम एम्स ट्रॉमा सेंटर गए और फिर सरिता विहार थाने आए।’
परिवार के एक अन्य सदस्य ब्रजेश कुमार ने बताया कि प्रवीण उनके बड़े भाई थे जबकि अनूप और आकाश उनके चचेरे भाई थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि काम के दौरान मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
उन्होंने कहा, ‘वे रात में काम कर रहे थे तभी एक डंपर ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। कोई भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। कंपनी भी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रही। उन्होंने उन्हें कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिया। वे सभी एक ही परिवार से थे। ऐसा नहीं होना चाहिए था। कंपनी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
ब्रजेश ने कहा कि परिवार को बताया गया था कि मजदूर करीब छह महीने से पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के काम में लगे हुए थे।
एक अन्य रिश्तेदार सतीश कुमार ने कहा कि हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार घटनास्थल पर पहुंचा तो उन्हें वहां डंपर मिला।
उन्होंने कहा, “जहां काम हो रहा था वहां कोई सुरक्षा नहीं थी। जब मैं पहुंचा, तो वहां कोई नहीं था सिवाय एक आदमी के जो ट्रक के पहिये के नीचे फंसा हुआ था। ड्राइवर भाग गया था। मुझे वहां सिर्फ अपने भाई के कपड़े मिले।”
सतीश ने दावा किया कि डंपर के नीचे फंसे व्यक्ति को निकालने के प्रयासों के दौरान पुलिसकर्मी कुछ समय तक मौके पर मौजूद रहे।
उन्होंने कहा, “पुलिस करीब डेढ़ घंटे तक वहां मौजूद रही, लेकिन वे उस आदमी को टायर के नीचे से नहीं निकाल सके। लोगों ने किसी तरह उसे बचाया।”
परिजन ने डंपर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि टक्कर में शामिल डंपर को जब्त कर लिया गया है।
पुलिस की एक टीम ने भी दुर्घटना स्थल का जायजा लिया और वाहनों एवं आसपास के इलाके की जांच की। जिस परिस्थिति में टक्कर हुई, उसकी जांच की जा रही है।
भाषा जोहेब सुरेश
सुरेश