शुभेंदु के रोडशो में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ‘विफल’ रहने पर चार पुलिसकर्मी निलंबित
शुभेंदु के रोडशो में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ‘विफल’ रहने पर चार पुलिसकर्मी निलंबित
कोलकाता, चार अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग (ईसी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के शनिवार को भवानीपुर सीट से नामांकन दाखिल करने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में ‘‘विफल’’ रहने पर कोलकाता पुलिस के चार अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो अप्रैल को अधिकारी के नामांकन पत्र दाखिल करने के समय उनके साथ मौजूद थे। निवर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अधिकारी का दक्षिण कोलकाता की इस सीट पर मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है।
निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे एक पत्र में कहा कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल की सिफारिश के आधार पर दिया गया है।
इस पत्र में कोलकाता पुलिस के दक्षिण प्रभाग के उपायुक्त (डीसी-2) सिद्धार्थ दत्ता, अलीपुर पुलिस थाना प्रभारी अधिकारी प्रियंकर चक्रवर्ती, अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी चंडी चरण बनर्जी और सार्जेंट सौरभ चटर्जी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
इसमें कहा गया, ‘‘आयोग इस प्रस्ताव से सहमत है और निर्देश देता है कि इन पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ तुरंत विभागीय कार्यवाही शुरू की जाए।’’
चुनाव निकाय ने राज्य के अधिकारियों से सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपने को कहा।
इसके अलावा, आयोग ने राज्य सरकार से दक्षिण प्रभाग के डीसी-2 और अलीपुर पुलिस थाने में प्रभारी अधिकारी के पद सहित रिक्त पदों को भरने के लिए तत्काल प्रस्ताव भी देने को कहा है।
भाजपा ने दो अप्रैल को नामांकन दाखिल करने से पहले ‘रोड शो’ किया था जो निर्वाचन क्षेत्र से होकर गुजरा था। रैली के कालीघाट के पास पहुंचते ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक सड़क किनारे जमा हो गए; वे पार्टी के हरे-सफेद झंडे लहरा रहे थे और ‘जय बांग्ला’ तथा ‘ममता बनर्जी ज़िंदाबाद’ के नारे लगा रहे थे। कालीघाट का यह इलाका बनर्जी के आवास से मात्र कुछ सौ मीटर की दूरी पर है।
कालीघाट के पास भाजपा के रोडशो और तृणमूल कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बन गई। दोनों विरोधी दलों के समर्थक कुछ देर एक-दूसरे से महज कुछ ही मीटर की दूरी पर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे।
भाषा
सिम्मी माधव
माधव

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