मुफ्त उबर सवारी, हलवा : केरल में मतदान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग की पहल
मुफ्त उबर सवारी, हलवा : केरल में मतदान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग की पहल
(हरि एम पिल्लई)
तिरुवनंतपुरम, चार अप्रैल (भाषा) केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को ‘उत्सव’ में बदलने के लिए एक अनूठी पहल की है। इसके लिए आयोग ने मुफ्त उबर सेवा, हलवा और एक रुपये में चावल का आटा देने जैसे आकर्षक कदम उठाए गए हैं।
युवा मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक आने के लिए प्रेरित करने के वास्ते किए गए इन व्यापक उपायों में ‘स्टारबक्स’ और ‘कैफे कॉफी डे’ जैसे कॉफी हाउस में संभावित छूट के साथ-साथ ब्लिंकिट, स्विगी, जोमैटो और डोमिनोज जैसी खाद्य और राशन पहुंचाने वाले ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से सकारात्मक संदेश पहुंचाना शामिल है। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा बनाए वीडियो, रील्स, प्रतियोगिताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए ‘जेन-जेड एंथम’ का उपयोग भी शामिल है।
केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘हम विभिन्न माध्यमों से युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास कर रहे हैं, जैसे मतदान के दिन हर जिले में पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को हलवा देना।’
निर्वाचन आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार, उबर एर्नाकुलम और तिरुवनंतपुरम में मतदाताओं के घर से दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले मतदान केंद्रों तक मुफ्त सवारी की सुविधा दे रहा है। इससे अधिक दूरी के लिए शुल्क लगेगा।
केलकर ने बताया कि ‘सप्लाईको’ 10 और 11 अप्रैल को ग्राहकों को एक रुपये में चावल का आटा उपलब्ध कराएगा।
वहीं, स्टारबक्स और कैफे कॉफी डे जैसे संस्थान भी मतदाताओं को छूट देने पर विचार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘हमारी ओर से हम युवाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। हम उनमें जिम्मेदारी का भाव जगाने और उन्हें उनके मतदान के महत्व का एहसास कराने की कोशिश कर रहे हैं।’
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह उम्मीद जताई कि इन प्रयासों से न केवल युवा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित होंगे, बल्कि इसके परिणामस्वरूप राज्य में कुल मतदान प्रतिशत भी 90 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
केलकर ने कहा, ‘हमारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) बहुत अच्छा रहा और हमारी मतदाता सूची पूरी तरह साफ-सुथरी है। ऐसा कोई कारण नहीं है कि एसआईआर में भाग लेने और सूची में नाम जुड़वाने के बाद लोग मतदान न करें। इसलिए, मुझे लगता है कि 90 प्रतिशत से अधिक मतदान का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है और मैं इसे लेकर बेहद आशावादी हूं।’
केलकर ने प्रतिकूल मौसम को ध्यान में रखते हुए कहा कि मतदान केंद्रों पर पानी की व्यवस्था के साथ छाया का भी इंतजाम किया जाएगा ताकि किसी को भी ज्यादा देर तक धूप में न रहना पड़े।
उन्होंने बताया कि तीन अप्रैल तक घर से मतदान करने का कार्य 75 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है और इसे चार अप्रैल तक संपन्न कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की प्रक्रिया भी नौ अप्रैल से पहले पूरी कर ली जाएगी।
भाषा
प्रचेता गोला
गोला

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