विजय के चालक के बेटे से लेकर टीवीके उम्मीदवार तक: वायरल वीडियो के पीछे की कहानी
विजय के चालक के बेटे से लेकर टीवीके उम्मीदवार तक: वायरल वीडियो के पीछे की कहानी
चेन्नई, 30 मार्च (भाषा) मंच पर उमड़ा भावनाओं का सैलाब 30 वर्षीय आर. सबरिनाथन की सियासी शुरुआत के लिहाज से बिल्कुल अनुकूल था। आंखों में आंसू, सामने खड़े उनके ‘थलाइवर’ विजय, और अगले ही क्षण एक अपनापन भरा आलिंगन। टीवीके के विरुगम्बक्कम सीट से उम्मीदवार सबरिनाथन के लिए यह महज एक मुलाकात नहीं, बल्कि उनके एक आम आदमी से राजनीतिक नेता बनने की दिशा में वह लम्हा बन गया, जिसने लाखों लोगों के दिलों को भी छू लिया।
29 मार्च को उम्मीदवार घोषणा कार्यक्रम से जुड़े वायरल वीडियो में सबरिनाथन भावनाओं से अभिभूत होकर रो पड़ते हैं, जिसके बाद विजय खुद आगे बढ़कर उनके आंसू पोंछते हैं और उन्हें गले लगाते हैं।
सबरिनाथन, विजय के लंबे समय से चालक रहे और अब उनके निजी सहायक (पीए) राजेंद्रन के बेटे हैं। मंच पर जब विजय उन्हें संभाल रहे थे, उस दौरान राजेंद्रन भी भावुक होकर यह दृश्य देख रहे थे। इस भावुक पल ने इस कहानी को रातोंरात चर्चा का विषय बना दिया।
सबरिनाथन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि राजनीति में उनका प्रवेश आसान नहीं रही—घर के भीतर ही सबसे बड़ी चुनौती थी, जहां उनके पिता चाहते थे कि वह एक स्थिर और सुरक्षित करियर का चयन करते हुए इंजीनियर बनें।
उन्होंने कहा, “मेरे पिता ने कर्ज लिया, जहां से संभव हुआ धन जुटाया और यह सुनिश्चित किया कि मैं इंजीनियर बनूं।”
सबरिनाथन ने बताया कि 2021 में उन्हें कतर में नौकरी मिल गई, जिससे उनके पिता बेहद खुश थे।
उन्होंने कहा, “नौकरी ठीक थी, लेकिन मैं भीतर से बेचैन था। जब मैंने सुना कि ‘थलाइवर’ (विजय) एक राजनीतिक दल बनाने जा रहे हैं, तो मैं चेन्नई लौटकर उनके साथ जुड़ना चाहता था, लेकिन मेरे पिता तैयार नहीं थे।”
सबरिनाथन ने कहा कि उन्होंने पिता की बात मानने की कोशिश की, लेकिन नहीं कर सका। इसके बाद उन्होंने अंततः विजय से सीधे बात की और उन्हें मना लिया।
2024 में चेन्नई लौटे सबरिनाथ ने कहा, “विजय ने ही मेरे पिता से कहा कि मुझे वापस आने दें और पार्टी में शामिल होने दें, तब वह कुछ नहीं कह सके।’’
विरुगम्बक्कम में चुनाव प्रचार रणनीति संभाल रहे एमबीए डिग्रीधारी प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ दिलीप कुमार ने कहा कि पार्टी के काम में सबरिनाथन की सक्रियता देखकर विजय उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए तैयार हो गए।
उन्होंने कहा, “उन्हें विरुगम्बक्कम का जिला सचिव बनाया गया और अब वह उम्मीदवार हैं।”
कुमार ने बताया कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले इस क्षेत्र के लिए टीवीके के पूर्णकालिक रणनीतिकार के रूप में काम शुरू किया।
कुमार ने माना कि टीम में कई लोग विजय के प्रशंसक हैं, हालांकि सबरिनाथन का कहना है कि उनका रिश्ता इससे कहीं गहरा है।
उन्होंने कहा, “मैं उन्हें बचपन से जानता हूं। मैं अपने पिता के साथ कई बार शूटिंग स्थलों पर गया हूं, इसलिए मैं उन्हें अधिकांश प्रशंसकों से बेहतर जानता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे पास यहां कुछ ऐसा है, जिसके लिए हम पूरी ऊर्जा लगा सकते हैं।”
सबरिनाथन ने कहा कि विरुगम्बक्कम वही इलाका है, जहां वह पले-बढ़े हैं।
उन्होंने कहा, “मैं इस क्षेत्र और इसकी समस्याओं को अच्छी तरह जानता हूं। मेट्रो कनेक्टिविटी अच्छी है, लेकिन अंतिम गंतव्य के लिए कनेक्टिविटी अच्छी नहीं है। यही मुद्दे मैं उठाऊंगा।’’
उन्होंने कहा, “विधायक बनना बड़ी बात है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इसके लिए चुनाव प्रचार करूंगा, लेकिन अब जब कर रहा हूं, तो अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं।”
भाषा खारी संतोष
संतोष

Facebook


