दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे के समीप 20 मामलों में वांछित फरार गैंगस्टर को गिरफ्तार किया गया

दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे के समीप 20 मामलों में वांछित फरार गैंगस्टर को गिरफ्तार किया गया

दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे के समीप 20 मामलों में वांछित फरार गैंगस्टर को गिरफ्तार किया गया
Modified Date: January 27, 2026 / 01:46 pm IST
Published Date: January 27, 2026 1:46 pm IST

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास 35 वर्षीय एक गैंगस्टर को गिरफ्तार किया गया है जो दिल्ली और हरियाणा में लगभग 20 आपराधिक मामलों में कथित तौर पर लिप्त है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान रवींद्र देसवाल उर्फ ​​छोटा के रूप में हुई है, जो हरियाणा के रोहतक का निवासी है।

अधिकारी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहा रवींद्र टोल प्लाजा पर काम करते हुए लगातार स्थान बदल लेता था तथा पुलिस को चकमा देने के लिए परिचितों के नाम से मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था।

उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को पुलिस ने द्वारका एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा के पास कुछ देर तक पीछा करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी फरार गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों को पकड़ने के लिए शुरू किए गए ‘ऑपरेशन कवच 12.0’ के तहत की गई।

पुलिस ने बताया कि रवींद्र लगभग दो साल पहले जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था और कम से कम तीन मामलों में उसे भगोड़ा घोषित किया गया है।

पुलिस के अनुसार अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे और कार्यवाही शुरू की गई थी।

पुलिस का कहना है कि चार हफ्ते तक गुरुग्राम, सोनीपत एवं रोहतक में करीब 25 स्थानों पर उसकी आवाजाही की पुष्टि करने एवं सघन निगरानी के बाद पुलिस दल 24 जनवरी को उसे गिरफ्तार करने में कामयाब रहा।

अधिकारियों ने बताया कि रवींद्र को 2018 में हरियाणा पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ 32 लाख रुपये की डकैती के मामले में गिरफ्तार किया था।

पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, रोहतक और कुरुक्षेत्र जिलों तथा दिल्ली में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में उसकी कथित संलिप्तता दर्ज है।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में देसवाल ने बताया कि उसने कक्षा 10 तक पढ़ाई की थी और एक स्थानीय अपराधी के संपर्क में आने के बाद वह अपराध की दुनिया में शामिल हो गया तथा बाद में वह कृष्ण गहता गिरोह में शामिल हो गया।

भाषा

राजकुमार मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में