राजस्थान में गौशालाओं को अनुदान नहीं मिल रहा: अशोक गहलोत

राजस्थान में गौशालाओं को अनुदान नहीं मिल रहा: अशोक गहलोत

राजस्थान में गौशालाओं को अनुदान नहीं मिल रहा: अशोक गहलोत
Modified Date: September 8, 2026 / 01:30 pm IST
Published Date: September 8, 2026 1:30 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

जयपुर, आठ सितंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य की हजारों गौशालाओं को पिछले कई महीने से सरकारी अनुदान नहीं मिल रहा है। उन्होंने इसे लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा।

गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘गाय के नाम पर सत्ता में आने वाली भाजपा ‘एक्सपोज’ हो गई है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि विज्ञापनों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भले खुद को गौभक्त बताकर तस्वीरें खिंचवाएं, हकीकत यह है कि प्रदेश की 4,523 गौशालाओं को दस महीने से एक रुपया नहीं मिला जहां 18 लाख गोवंश के पशु हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘करीब 900 करोड़ रुपये का अनुदान फाइलों में दबा पड़ा है, जबकि संचालक कर्ज लेकर और भामाशाहों के भरोसे किसी तरह चारा जुटा रहे हैं।’’

गहलोत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सड़क पर भटकते बेसहारा गोवंश की तस्वीरें ही इस राज्य सरकार का असल ‘रिपोर्ट कार्ड’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘श्रद्धा दिखाने के लिए कैमरा चाहिए, लेकिन गौसेवा के लिए बजट देने में यही सरकार पीछे हट जाती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का यह दोगलापन जनता समझ चुकी है। अगर प्रदेश में स्थिति सूखे की बन गई तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।’’

इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद नहीं होने तथा किसानों को उनकी फसलों का भुगतान नहीं होने का भी दावा किया।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा सरकार में किसान की किस्मत में सिर्फ दो ही विकल्प बचे हैं, या तो एमएसपी पर खरीद ही नहीं होगी, या खरीद हो भी गई तो भुगतान का कोई पता नहीं। यही इस सरकार की असली सच्चाई है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य के उत्तर में हनुमानगढ़ से लेकर दक्षिण में झालावाड़ तक पूरे राजस्थान के किसानों का यही हाल है। उन्होंने कहा, ‘‘कहीं मंडियों में एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी, तो कहीं महीनों बाद भी भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर।’’

गहलोत के अनुसार, ‘‘2023 में कांग्रेस ने एमएसपी गारंटी कानून का वादा किया था ताकि किसान को उसका पूरा हक मिले, लेकिन भाजपा ने किसानों को बरगलाकर सत्ता हथिया ली और आज नतीजा पूरे राज्य में सामने है।

भाषा पृथ्वी मनीषा वैभव

वैभव


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