गोवा विधानसभा चुनाव: पार्टी के प्रति वफादारी की शपथ लेंगे कांग्रेस उम्मीदवार

गोवा विधानसभा चुनाव: पार्टी के प्रति वफादारी की शपथ लेंगे कांग्रेस उम्मीदवार

गोवा विधानसभा चुनाव: पार्टी के प्रति वफादारी की शपथ लेंगे कांग्रेस उम्मीदवार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: February 3, 2022 3:42 pm IST

पणजी, तीन फरवरी (भाषा) गोवा में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार शुक्रवार को वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में पार्टी के प्रति वफादारी की शपथ लेंगे। पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि गांधी राज्य के एक दिवसीय दौरे पर संखालिम विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसका विधानसभा में प्रतिनिधित्व वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रमोद सावंत कर रहे हैं।

गोवा की 40 विधानसभा सीट के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा और मतगणना 10 मार्च को होगी। कांग्रेस ने चुनाव के लिए गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के साथ गठबंधन किया है। कांग्रेस ने राज्य में 37 और जीएफपी ने तीन सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति (जीपीसीसी) के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘शुक्रवार को गोवा पहुंचने के बाद राहुल गांधी सबसे पहले डोना पाउला में ‘इंटरनेशनल सेंटर’ में पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे। दोपहर एक बजे ‘प्लेज ऑफ लॉयल्टी’ नामक एक कार्यक्रम होगा, जिसमें पार्टी के उम्मीदवार और अन्य नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में पार्टी के प्रति वफादारी की शपथ लेंगे। ’’

पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि दोपहर तीन बजे गांधी राज्य में विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे और और शाम पांच बजे वह सांखालिम में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।’’

पिछले पांच वर्ष में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गोवा में दलबदल से कांग्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है, क्योंकि उसके अधिकतर विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। 2019 में कांग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे, जिसके अब विधानसभा में 27 विधायक हैं।

कांग्रेस ने 2017 विधानसभा चुनाव में 40 में से 17 सीट पर जीत दर्ज की थी और अब विधानसभा में उसके केवल दो विधायक हैं।

कांग्रेस हाल ही में राज्य में अपने उम्मीदवारों को एक मंदिर, एक गिरजाघर, एक गुरुद्वारे और एक दरगाह ले गई थी, जहां उन्हें शपथ लेने के लिए कहा गया था कि अगर वे चुनाव जीतते हैं तो वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे।

भाषा निहारिका मनीषा नीरज

नीरज


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