गोवा ने पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील 1.02 करोड़ वर्गमीटर भूमि को ‘विकास निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित किया

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गोवा ने पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील 1.02 करोड़ वर्गमीटर भूमि को 'विकास निषिद्ध क्षेत्र' घोषित किया

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 12:23 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 12:23 PM IST

पणजी, 19 जुलाई (भाषा) गोवा सरकार ने राज्य में पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील 1.02 करोड़ वर्गमीटर भूमि को ‘विकास निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित किया है। इस पहल का उद्देश्य धान के खेतों, ढलान वाले क्षेत्र और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील अन्य क्षेत्रों को भविष्य में होने वाले विकास कार्यों से सुरक्षित रखना है।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह निर्णय नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

नगर एवं ग्राम नियोजन बोर्ड की 16 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, कुल 1,02,67,954 वर्गमीटर भूमि को विकास निषिद्ध क्षेत्र (एनडीजेड) श्रेणी में शामिल किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि अधिसूचित भूमि में धान के खेत, ढलान वाले क्षेत्र और निचले इलाके जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं, जो भूजल पुनर्भरण, बाढ़ के प्रभाव को कम करने और जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह अधिसूचना क्षेत्रीय योजना के तहत भूमि उपयोग वर्गीकरण की समीक्षा के बाद पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को फिर से विकास निषिद्ध क्षेत्र श्रेणी में शामिल करने की राज्य सरकार की जारी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य अवैध निर्माण पर रोक लगाना और गोवा के नाजुक पारिस्थितिकी संतुलन को संरक्षित रखना है।

भाषा गोला सुभाष

सुभाष