नवजात शिशुओं के लिए सोने की अंगूठी योजना: तमिलनाडु सरकार ने दो आभूषण कंपनियों को कार्यादेश दिया

नवजात शिशुओं के लिए सोने की अंगूठी योजना: तमिलनाडु सरकार ने दो आभूषण कंपनियों को कार्यादेश दिया

नवजात शिशुओं के लिए सोने की अंगूठी योजना: तमिलनाडु सरकार ने दो आभूषण कंपनियों को कार्यादेश दिया
Modified Date: August 22, 2026 / 11:03 am IST
Published Date: August 22, 2026 11:03 am IST

चेन्नई, 22 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु सरकार ने नवजात शिशुओं के लिए ‘थाई मामन स्वर्ण अंगूठी योजना’ के तहत सोने की अंगूठियां खरीदने के वास्ते दो आभूषण कंपनियों को कार्यादेश जारी किया है। सरकार ने यह जानकारी दी।

यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई की जयंती के अवसर पर 15 सितंबर को शुरू की जाएगी।

सरकार ने शुक्रवार देर रात बताया कि तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम (टीएनएमएससी) ने जून से सितंबर तक के लाभार्थियों के लिए आवश्यक सोने की 1,28,499 अंगूठियों की आपूर्ति के वास्ते जॉय अलुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में कार्यादेश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की घोषणा की थी। इसका लाभ सरकारी अस्पतालों में पैदा हुए शिशुओं को मिलेगा ताकि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव को प्रोत्साहित किया जा सके।

सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘एक ग्राम वजन की सोने की 4,41,667 अंगूठियां उपलब्ध कराने के शासकीय आदेश के बाद तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम ने 14 जुलाई को निविदा जारी की थी। इसमें 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया और ‘टीएन टेंडर्स’ पोर्टल के जरिए अपनी कीमतों का ब्योरा दिया।’’

विज्ञप्ति के अनुसार, जॉय अलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर प्रसंस्करण शुल्क, बीमा, परिवहन और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की मुहर लगाने सहित सभी अतिरिक्त शुल्क के लिए सबसे कम 0.01 रुपये की बोली लगाई। तमिलनाडु गैर-प्रकटीकरण समझौता अधिनियम और नियमों के तहत कल्याण ज्वैलर्स ने भी सबसे कम कीमत की बोली प्रस्तुत की।

विज्ञप्ति में कहा गया कि योजना 15 सितंबर 2026 को शुरू की जानी है, इसलिए जून से चार महीने के दौरान लाभार्थियों को सोने की 1,28,499 अंगूठियां उपलब्ध कराने के लिए जॉय अलुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में कार्यादेश जारी किया गया है।

सरकारी अस्पतालों में 22 जून 2026 से जन्म लेने वाले बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन


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