सरकार ने हमारी दो प्रमुख मांगें मानीं, आंदोलन जारी रहेगा : करणी सेना

सरकार ने हमारी दो प्रमुख मांगें मानीं, आंदोलन जारी रहेगा : करणी सेना

सरकार ने हमारी दो प्रमुख मांगें मानीं, आंदोलन जारी रहेगा : करणी सेना
Modified Date: August 5, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: August 5, 2026 10:14 pm IST

जयपुर, पांच अगस्त (भाषा) श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बुधवार को कहा कि राजस्थान सरकार ने संगठन की दो प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। इनमें जयपुर में प्रदर्शन के बाद जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देना शामिल है।

मकराना ने यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने घटना के लिए कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी दो-तीन दिन का समय मांगा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी दो मांगें सरकार ने स्वीकार कर ली हैं। प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाएगी। इसके लिए हम सरकार के आभारी हैं।’’

हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर करणी सेना का आंदोलन जारी रहेगा।

मकराना ने कहा, ‘‘सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों के वीडियो उपलब्ध कराने को कहा है। हम वीडियो सौंपेंगे। जांच के बाद जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें निलंबित किया जाएगा। सरकार ने हमारा सहयोग किया है और हमें भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की उम्मीद है।’’

राठौड़ ने कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता बनाए रखने और समाज के सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार की पक्षधर है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि समाज एकजुट रहे। सभी को समान अवसर और सम्मान मिले। यदि कोई घटना होती है तो उसका समाधान शांतिपूर्ण तरीके से हो। हम सभी एक परिवार हैं और संवाद के जरिए ऐसे मामलों का समाधान करेंगे।’’

उल्लेखनीय है कि करणी सेना ने सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के यूजीसी विनियम-2026 को वापस लेने और सवर्ण समाज से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर जयपुर में रैली निकाली थी। प्रदर्शन के बाद एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी।

करणी सेना के नेताओं के अनुसार, मृतक की पहचान देवराज सिंह के रूप में हुई, जिसने प्रदर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद दम तोड़ गया। वहीं, पुलिस का कहना है कि देवराज सिंह की सोमवार रात अपने घर पर हृदयाघात से मृत्यु हुई थी।

भाषा बाकोलिया

शफीक

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