सरकार ने आदिवासी ज्ञान और कौशल विकास के लिए ‘ट्राइब एक्स’ डिजिटल मंच की शुरुआत की

सरकार ने आदिवासी ज्ञान और कौशल विकास के लिए ‘ट्राइब एक्स’ डिजिटल मंच की शुरुआत की

सरकार ने आदिवासी ज्ञान और कौशल विकास के लिए ‘ट्राइब एक्स’ डिजिटल मंच की शुरुआत की
Modified Date: July 7, 2026 / 11:23 pm IST
Published Date: July 7, 2026 11:23 pm IST

भुवनेश्वर, सात जुलाई (भाषा) जनजातीय कार्य मंत्रालय ने मंगलवार को डिजिटल अध्ययन मंच ‘ट्राइबएक्स’ की शुरुआत की, जो जनजातीय कला, संस्कृति, भाषाओं, पारंपरिक ज्ञान और कौशल विकास पर केंद्रित है।

‘‘जनजातीय अनुसंधान संस्थानों’’ को सशक्त बनाने के लिए यहां आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में ‘ट्राइबएक्स’ की शुरुआत की गई। इसका उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम, ओडिशा के मंत्री नित्यानंद गोंड और अन्य लोगों की उपस्थिति में की।

ओराम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ट्राइबएक्स’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध जनजातीय विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित तथा उसे वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ जनजातीय समुदाय के वास्तविक ज्ञान को हर जगह सीखने वालों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी में भौगोलिक बाधाओं को दूर करने, जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने और यह सुनिश्चित करने की क्षमता है कि सदियों पुरानी ज्ञान पद्धति आधुनिक दुनिया में भी फलती-फूलती रहें।

केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (टीआरआई) और जनजातीय कल्याण विभागों (टीडब्ल्यूडी) से यह भी आग्रह किया कि वे विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच इस मंच के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाएं और उन्हें ‘ट्राइबएक्स’ के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले पाठ्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करें।

इस मौके पर, मंत्रालय ने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य ‘ट्राइबएक्स’ के तहत आदिवासी भाषाओं, पारंपरिक ज्ञान, कला, वस्त्र और संगीत-शास्त्र पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) मान्यता प्राप्त डिप्लोमा पाठ्यक्रम तैयार करना है।

भाषा धीरज सुभाष

सुभाष


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