सरकार का ‘परिसीमन एजेंडा’ विफल हो जाएगा : डेरेक ओ’ब्रायन

सरकार का ‘परिसीमन एजेंडा’ विफल हो जाएगा : डेरेक ओ'ब्रायन

सरकार का ‘परिसीमन एजेंडा’ विफल हो जाएगा : डेरेक ओ’ब्रायन
Modified Date: April 16, 2026 / 07:41 pm IST
Published Date: April 16, 2026 7:41 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने बृहस्पतिवार को महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की “नापाक साजिश” करार दिया और कहा कि उसका “परिसीमन एजेंडा” नाकाम हो जाएगा।

तृणमूल सांसद की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब बृहस्पतिवार को लोकसभा में मत विभाजन के बाद महिला आरक्षण से संबंधित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर चर्चा की जा रही है।

सदन में दो अन्य सामान्य विधेयक—परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक—भी पेश किए गए।

ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भाजपा नीत राजग गठबंधन की हताशा भरी राजनीति आज सुबह संसद में बेनकाब हो गई। परिसीमन के उनके एजेंडे के पीछे छिपी नापाक साजिश अब सबके सामने है—और यह साजिश कामयाब नहीं होगी।’’

विपक्षी दलों ने सिद्धांततः महिला आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने पर तीखी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की नयी रूपरेखा कुछ क्षेत्रों और समुदायों को नुकसान पहुंचा सकती है, और वे इस कदम को स्पष्ट तौर पर राजनीतिक मंशा से प्रेरित मानते हैं।

अभी, 543 सदस्यीय लोकसभा में राजग के पास करीब 292 सीट हैं। यह आंकड़ा साधारण बहुमत के लिए जरूरी 272 के आंकड़े से ऊपर है, लेकिन किसी संवैधानिक संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत से कम है।

दूसरी ओर, विपक्षी खेमे के पास लगभग 232 सांसद हैं और उन्होंने साफ संकेत दिए हैं कि वे इस विधेयक के खिलाफ मतदान करेंगे। विपक्षी नेताओं का दावा है कि उनके पास इसे पारित होने से रोकने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है।

भाषा

खारी अविनाश

अविनाश


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