सिक्किम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने योग दिवस की शुभकामनाएं दीं

सिक्किम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने योग दिवस की शुभकामनाएं दीं

सिक्किम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने योग दिवस की शुभकामनाएं दीं
Modified Date: June 21, 2026 / 12:46 pm IST
Published Date: June 21, 2026 12:46 pm IST

गंगटोक, 21 जून (भाषा) सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए लोगों से बेहतर स्वास्थ्य, सद्भाव तथा समग्र कल्याण के लिए योग को जीवन जीने के तरीके के रूप में अपनाने का आग्रह किया।

राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम यहां रिज पार्क में आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल, मंत्रिमंडल के मंत्रियों, विधायकों, छात्रों और सरकारी अधिकारियों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

माथुर ने अपने संदेश में योग को भारत की समृद्ध प्राचीन विरासत का एक अमूल्य हिस्सा बताया और कहा कि योग दुनिया को भारत का अमूल्य उपहार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से इसे वैश्विक मान्यता मिली है।

माथुर ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस का विषय ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’, जीवन के हर पड़ाव पर योग की प्रासंगिकता और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालती है।

राज्यपाल ने कहा कि सिक्किम का अनूठा भौगोलिक और प्राकृतिक वातावरण योग और ध्यान के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करता है, जिससे राज्य के लिए एक वैश्विक योग गंतव्य के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने लोगों से योग को एक दिन के उत्सव तक सीमित रखने के बजाय अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आग्रह किया और नागरिकों से एक समृद्ध सिक्किम तथा विकसित भारत की यात्रा में इसे जीवन जीने के तरीके के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

वहीं, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि इस वर्ष का विषय शारीरिक जीवन शक्ति, मानसिक कल्याण, भावनात्मक संतुलन और उम्र बढ़ने के सभी चरणों में एक स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देने में योग के शाश्वत ज्ञान को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि सिक्किम ने अपने पहाड़ों, आध्यात्मिक विरासत और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव के साथ हमेशा संतुलन, स्थिरता और समग्र जीवन के मूल्यों का प्रतीक रहा है।

तमांग ने योग को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसने दुनिया भर में लाखों लोगों को स्वास्थ्य, कल्याण और सद्भाव को अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के अपने संकल्प को दोहराएं और एक स्वस्थ, शांतिपूर्ण और टिकाऊ दुनिया बनाने की दिशा में मिलकर काम करें।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन


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