कोटा के अस्पताल में महिलाओं की मौत के मामले पर सरकार पूरी तरह गंभीर: चिकित्सा मंत्री

कोटा के अस्पताल में महिलाओं की मौत के मामले पर सरकार पूरी तरह गंभीर: चिकित्सा मंत्री

कोटा के अस्पताल में महिलाओं की मौत के मामले पर सरकार पूरी तरह गंभीर: चिकित्सा मंत्री
Modified Date: May 9, 2026 / 12:43 am IST
Published Date: May 9, 2026 12:43 am IST

जयपुर, आठ मई (भाषा) राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार कोटा के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिलाओं की मौत के मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में ‘सिजेरियन सेक्शन’ सर्जरी के बाद कथित तौर पर संक्रमण से दो महिलाओं की मौत हो गई तथा कई की स्थिति अब भी गंभीर है।

खींवसर ने यहां पत्रकारों को बताया कि अस्पताल में भर्ती एक महिला की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से बीमार प्रसूताओं को एयर एम्बुलेंस के ज़रिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल में लाने की तैयारी कर ली गई थी लेकिन उनके परिवार वालों ने इससे मना कर दिया। उन्होंने बताया कि एसएमएस अस्पताल जयपुर से विशेषज्ञों की एक टीम पहले से ही कोटा में मौजूद है।

उन्होंने कहा, ‘महिलाओं की हालत अचानक बिगड़ने के पीछे के सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। बैक्टीरिया की जांच रिपोर्ट आने में लगभग 72 घंटे लगेंगे, और उसके बाद ही स्थिति ज़्यादा साफ़ हो पाएगी।’ मंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद, जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि यह घटना राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था के पूरी तरह से चरमरा जाने का संकेत है।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘कोटा में दो प्रसूताओं की मौत एवं कई के बीमार होने की यह त्रासदी अचानक नहीं हुई है बल्कि यह राजस्थान के ध्वस्त होती स्वास्थ्य व्यवस्था की परिणति है। एसएमएस अस्पताल की आईसीयू में आग और खांसी की दवा से हुई मौतों जैसे गंभीर मामलों को ठंडे बस्ते में डालने का ही नतीजा है कि आज व्यवस्था में डर और संवेदनशीलता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।’’

गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य में चिरंजीवी, आरजीएचएस जैसी योजनाओं पर ‘ब्रेक’ लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में बार-बार हड़ताल हो रही है और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

एनएमसीएच में सोमवार शाम को 12 से 13 गर्भवती महिलाओं का ‘सिजेरियन-सेक्शन’ ऑपरेशन हुआ था। इसके 8 से 12 घंटे के भीतर ही छह महिलाओं की हालत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उनका रक्तचाप और प्लेटलेट्स अचानक तेज़ी से नीचे गिरे तथा दूसरी दिक्कत हुई। इनमें से पायल (26) की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं ज्योति नायक (19) की बृहस्पतिवार को मौत हुई।

भाषा पृथ्वी आशीष

आशीष


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