आवासीय परिसरों में आम सुविधाओं तक दिव्यांगों की पहुंच सुनिश्चित करे सरकार : इलाहाबाद उच्च न्यायालय
आवासीय परिसरों में आम सुविधाओं तक दिव्यांगों की पहुंच सुनिश्चित करे सरकार : इलाहाबाद उच्च न्यायालय
प्रयागराज, 16 मार्च (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आवासीय परिसरों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए लिफ्ट, सामुदायिक केंद्र जैसी आम सुविधाओं तक स्पष्ट पहुंच के साथ ही उचित पार्किंग स्थान उपलब्ध हों।
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कहा कि एक भवन में आम सुविधाओं तक पहुंच, एक दिव्यांग व्यक्ति का मौलिक अधिकार है।
अदालत ने कहा, “उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरण आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर यह सुनिश्चित करें कि दिव्यांग व्यक्तियों को असमान स्थिति में ना डाला जाए और ऐसे सामुदायिक आवास के लिए नक्शा मंजूर करते समय दिव्यांग व्यक्तियों के लिए उचित पार्किंग स्थान उपलब्ध कराया जाए।”
उच्च न्यायालय ने निर्माण कंपनी मेसर्स एससीसी बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिए। कंपनी ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत अपने खिलाफ पारित एक आदेश को चुनौती दी थी।
कंपनी ने गाजियाबाद में एक आवासीय परियोजना एसीसी सफायर में एक दिव्यांग महिला को आवंटित फ्लैट के संबंध में यह याचिका दायर की थी। दिव्यांग महिला ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में शिकायत की थी कि फ्लैट खरीदने के आठ साल बाद बिल्डर द्वारा उसकी पार्किंग का विभाजन कर दिया गया।
भाषा
सं, राजेंद्र
रवि कांत

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