सरकार ने अडाणी समूह को श्रीलंका पर थोपने का प्रयास किया: कांग्रेस

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सरकार ने अडाणी समूह को श्रीलंका पर थोपने का प्रयास किया: कांग्रेस

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  • Publish Date - March 10, 2023 / 05:36 PM IST,
    Updated On - March 10, 2023 / 05:36 PM IST

नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने श्रीलंका में अडाणी समूह को विभिन्न परियोजनाओं का अनुबंध दिलाने तथा इस कारोबारी समूह को पड़ोसी देश पर थोपने का प्रयास किया।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अपने सवालों की श्रृंखला ‘हम अडाणी के हैं कौन’ के तहत पिछले कई दिनों की तरह आज भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कुछ प्रश्न किए।

रमेश ने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर आपसे जवाब मांग रहे हैं कि कैसे आपने अपने पसंदीदा व्‍यापारिक समूह को एक और महत्वपूर्ण पड़ोसी देश श्रीलंका पर थोपने का प्रयास किया।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘भारत, जापान और श्रीलंका की सरकारों ने 28 मई 2019 को भारत और जापान की भागीदारी के साथ कोलंबो दक्षिण बंदरगाह पर ईस्ट कंटेनर टर्मिनल विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। एक साल बाद प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के नेतृत्‍व में श्रीलंकाई मंत्रिमंडल ने घोषणा की कि भारत ने ‘अडाणी पोर्ट्स’ को अपने विदेशी टर्मिनल ऑपरेटर के रूप में ‘चयनित’ किया है।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या किसी अन्य भारतीय कंपनी के पास इस सौदे में निवेश करने का अवसर था या आपने इस सौदे को केवल अपने करीबी दोस्तों के लिए सुरक्षित रखा था? चीन से संदिग्‍ध व्यापारिक संबंध रखने वाले मित्रों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अनुबंध दिलाने का मार्ग प्रशस्‍त करना राष्‍ट्र हित में कैसे हो सकता है? क्‍या ये संबंध आपकी आमतौर पर अतिसक्रिय जांच एजेंसियों द्वारा जांच के योग्य नहीं हैं?’’

उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘क्या आप यह मानकर चल रहे हैं कि आपका मुख्य काम भारत के लोगों के लिए काम करने की बजाय अपने मित्र गौतम अडाणी के लिए भारत और दूसरे देशों में अनुबंध हासिल करना है?’’

कांग्रेस अमेरिकी वित्तीय शोध संस्था ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ की रिपोर्ट आने के बाद से अडाणी समूह और प्रधानमंत्री पर लगातार हमले कर रही है।

उल्लेखनीय है कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह के खिलाफ फर्जी तरीके से लेन-देन और शेयर की कीमतों में हेर-फेर सहित कई आरोप लगाए थे। अडाणी समूह ने इन आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा था कि उसने सभी कानूनों और प्रावधानों का पालन किया है।

भाषा हक

हक माधव

माधव