CM Yogi Adityanath News/Image Credit: FILE
CM Yogi On National Handloom Day 2026: लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सभी बुनकरों, हस्तशिल्पियों, कारीगरों और उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए शुक्रवार को कहा कि स्वदेशी आंदोलन ने ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नयी दिशा प्रदान की थी। लखनऊ में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उत्कृष्ट बुनकरों को ‘संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार’ से सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के बाद वस्त्र उद्योग सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संत कबीर के नाम पर पांच वस्त्र पार्क स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी की ‘‘डबल इंजन’’ सरकार ने हस्तशिल्पियों और कारीगरों को विशेष महत्व दिया है। (CM Yogi On National Handloom Day 2026) उन्होंने 2017 से पहले की सरकारों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर इस वर्ग की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘यह काम 2017 से पहले और 2014 से पहले भी हो सकता था, लेकिन इसके लिए दूरदृष्टि चाहिए। जहां हर काम को केवल वोट के नजरिये से देखा जाता है, वहां गरीबों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों का सम्मान पीछे छूट जाता है।’’
CM Yogi On National Handloom Day 2026: मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बिजली, सड़क और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा, ‘‘तब न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न हस्तशिल्पी और न ही कारीगर। जब दंगे और कर्फ्यू होते हैं, बाजार बंद रहते हैं और उसका सबसे अधिक असर कारीगरों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं पर पड़ता है। हथकरघा ऐसा क्षेत्र है, जिसमें लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं।’’
सीएम योगी आदित्यनाथ ने हथकरघा क्षेत्र के विकास के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए इसका श्रेय ‘‘डबल इंजन’’ सरकार को दिया। सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को ‘‘बबुआ’’ (बच्चा) करार देते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने कभी विकास में रुचि नहीं ली। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज मैं अपने कौशल और परिश्रम से भारत की इस गौरवशाली विरासत को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध सभी हस्तशिल्पियों और हथकरघा उद्योग से जुड़े लोगों को बधाई देता हूं।’’ उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जोड़ते हुए कहा, ‘‘यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता संग्राम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।’’
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘आज ही के दिन सात अगस्त को स्वदेशी आंदोलन का पदार्पण हुआ था, जिसने भारत की आजादी को नयी दिशा दी। स्वदेशी ऐसा मंत्र था, जिसने उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधते हुए गुलामी की बेड़ियां तोड़ने का संकल्प मजबूत किया।’’ उन्होंने कहा कि उस समय महात्मा गांधी का स्वतंत्रता आंदोलन में प्रवेश नहीं हुआ था, लेकिन स्वदेशी आंदोलन देशभर में जनचेतना का आधार बन चुका था। गांधीजी के नेतृत्व में इस आंदोलन को और गति मिली तथा खादी और स्वदेशी स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख प्रतीक बने। (CM Yogi On National Handloom Day 2026) मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘उन्होंने (महात्मा गांधी) हथकरघा और खादी को आजादी के आंदोलन का सबसे प्रभावी शस्त्र बनाया। हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने वर्ष 2015 से सात अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह देशभर के लाखों बुनकरों, उद्यमियों, व्यवसायियों और हस्तशिल्पियों के सम्मान का प्रतीक है। मैं हथकरघा उद्योग से जुड़े प्रदेश के ढाई लाख परिवारों का अभिनंदन करता हूं।’’
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