हरित अधिकरण ने रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए श्रीनगर नगर निगम पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया

हरित अधिकरण ने रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए श्रीनगर नगर निगम पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 08:50 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 08:50 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने अपशिष्ट प्रबंधन योजनाओं के कार्यान्वयन से संबंधित रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए श्रीनगर नगर निगम पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर जिले के अचान लैंडफिल में प्लास्टिक, ठोस कूड़ा और अन्य कचरे के अवैध और अवैज्ञानिक तरीके से निपटान से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए अधिकरण ने यह आदेश पारित किया।

अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने नौ जनवरी को एक आदेश में कहा कि पिछले वर्ष मार्च में इसके आदेश के अनुपालन में नगर निकाय की प्रगति रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई।

पीठ ने कहा, ‘‘उक्त चूक को ध्यान में रखते हुए, अधिकरण श्रीनगर के अचान लैंडफिल स्थल पर पहले से मौजूद कचरे की समस्या के निवारण के लिए इस बीच हुई प्रगति की जांच और मूल्यांकन करने की स्थिति में नहीं है।’’

अधिकरण ने नगर निगम के वकील द्वारा प्रस्तुत दलीलों पर गौर किया, जिसके अनुसार रिपोर्ट रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुई क्योंकि इसे 8 जनवरी को विलंब से दाखिल किया गया था।

इसने कहा, ‘‘हम श्रीनगर नगर निगम पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाते हैं, जिसे एक सप्ताह के भीतर एनजीटी बार एसोसिएशन के पास जमा करना होगा।’’

अधिकरण ने नगर निगम को निर्देश दिया कि वह पहले से मौजूद कचरे की स्थिति, दैनिक रूप से उत्पन्न कचरे के निपटारे के लिए निर्मित सुविधा की स्थिति और कचरे के दैनिक उत्पादन और निपटारे में मौजूदा अंतर का खुलासा करते हुए एक नयी अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

मामले की आगे की कार्यवाही के लिए 8 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश