जूनागढ़ (गुजरात), 12 मार्च (भाषा) गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिरनार अंबाजी मंदिर परिसर में मांसाहार करने और शराब पीने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद प्रशासन ने 11 पुजारियों और सहायकों को हटा दिया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
जूनागढ़ के जिलाधिकारी अनिल राणावसिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “मंदिर में पुजारियों और सहायकों समेत 11 लोगों को उनके पद से हटा दिया गया है, जबकि तीन अन्य पुजारियों को अस्थायी रूप से माता अंबाजी मंदिर में नियुक्त किया गया है।”
उन्होंने बताया कि जूनागढ़ के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट का कार्यालय मंदिर में आयोजित इस कथित पार्टी की जांच कर रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था।
इस वीडियो का हवाला देते हुए, कई खबरों में दावा किया गया है कि गिरनार पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में कुछ लोग मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन कर रहे थे।
राणावसिया ने कहा, ‘‘जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि क्या वे लोग मांसाहारी भोजन या शराब का सेवन कर रहे थे और वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था।’’
जूनागढ़ के विधायक संजय कोराडिया ने इस मामले को एक गंभीर घटना और सनातन धर्म का अपमान बताया।
कोराडिया ने पत्रकारों से कहा, “घटना की जानकारी मिलते ही जूनागढ़ के जिलाधिकारी ने जिला पुलिस अधीक्षक से समन्वय किया और जांच के आदेश दिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जड़ें सनातन धर्म में समाहित है और गुजरात में ऐसी घटनाएं देखना निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाषा राजकुमार सुरेश
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