तृणमूल सांसदों ने राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने का समय मांगा, जिसे ठुकरा दिया गया : सूत्र

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तृणमूल सांसदों ने राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने का समय मांगा, जिसे ठुकरा दिया गया : सूत्र

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 07:52 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 07:52 PM IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने पश्चिम बंगाल सरकार की कल्याणकारी पहल के बारे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अवगत कराने के लिए उनसे मिलने का समय मांगा था, लेकिन राष्ट्रपति भवन ने ‘‘समय की कमी’’ का हवाला देते हुए उनके अनुरोध को ठुकरा दिया। एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह घटनाक्रम ऐसे वक्त सामने आया है जब शनिवार को राष्ट्रपति ने इस बात पर निराशा व्यक्त की थी कि जब वह एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेने के लिए बागडोगरा पहुंचीं तो न तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और न ही कोई मंत्री उनका स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे। इस मामले पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था।

एक सूत्र के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नौ मार्च को राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र लिखकर सांसदों और राज्य के मंत्रियों सहित पार्टी के 12 से 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से मिलने का समय मांगा था।

पत्र में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे राष्ट्रपति को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के समावेशी विकास के लिए उठाए गए कल्याणकारी कदमों के बारे में बताना चाहते हैं। हालांकि, इस अनुरोध को ठुकरा दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन ने तृणमूल कांग्रेस को पत्र भेजकर सूचित किया कि उनके अनुरोध पर विचार किया गया, लेकिन समय की कमी के कारण इसे स्वीकार नहीं किया जा सका। सूत्रों ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रपति कार्यालय को पुनः पत्र लिखकर अगले सप्ताह के लिए समय मांगा है।

शनिवार को राष्ट्रपति द्वारा संथाल आदिवासी समुदाय की एक सभा में कम उपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।

उन्होंने राज्य सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाया, जिसमें कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से बदलकर बागडोगरा हवाई अड्डे के पास कर दिया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रशासन को उम्मीद थी कि स्थान बदलने से कोई भी व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि राज्य की यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या कोई मंत्री उनका स्वागत करने के लिए नहीं आए।

भाषा आशीष नरेश

नरेश