CM Dr.Mohan Yadav News / Image Source : SOCIAL MEDIA / X
भोपाल/नई दिल्ली : CM Dr.Mohan Yadav News मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनहित के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि राज्य के किसानों को केंद्र सरकार से बड़ी राहत और कई महत्वपूर्ण मंजूरियां मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के किसानों और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इस पर केंद्र ने भी सकारात्मक निर्णय लिए। बैठक में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं और कृषि से जुड़े लंबित मुद्दों को विस्तार से रखते हुए शीघ्र समाधान का आग्रह किया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रगति संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि विश्व में हो रहे खाड़ी युद्ध पर नजर रखी जा रही है। हमने राज्य में गैस की कालाबाजारी रोकी है। राज्य में एलपीजी और सीएनजी की पर्याप्त व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आग्रह पर केंद्र सरकार ने सरसों की खरीद से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। Shivraj Singh Chouhan Agriculture Ministry, केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इससे राज्य के हजारों सरसों उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री यादव को तुअर (अरहर) की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद का स्वीकृति पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से अब तुअर उत्पादक किसानों को उनकी पूरी उपज का सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा और बाजार में कीमत गिरने का जोखिम कम होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को दलहन और तिलहन उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर केंद्र और राज्य की संयुक्त टीम द्वारा मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों और ऑयल पाम जैसी फसलों के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि सोयाबीन जैसी फसलों के आकलन में केवल सैटेलाइट डेटा के बजाय क्रॉप कटिंग और रिमोट सेंसिंग दोनों तरीकों का उपयोग किया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर मुआवजा मिल सके।
बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। Bhavantar Bhugtan Yojana, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्यों के लिए आवश्यक सहयोग का आग्रह किया, जिस पर केंद्र ने सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है और मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इन निर्णयों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों का बड़ा परिणाम माना जा रहा है, जिससे मध्यप्रदेश के किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार के कार्यों, उनकी प्रगति और योजनाओं को लेकर चर्चा हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पंचायत ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय के कार्यों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। किसानों की आय डबल करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार ने भावांतर योजना को सफलतापूर्वक आगे बढ़या है। हमने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ चर्चा कि ताकि, सरसों में भी भावांतर योजना का लाभ मिले। राज्य की दालों को प्रदेश सरकार प्रमोट करेगी और केंद्र सरकार भी इसकी खरीदारी करेगी। हमने तिलहन का रकबा बढ़ाने पर भी चर्चा की है। हमने केंद्र सरकार के साथ प्रधानमंत्री आवास और प्रधानमंत्री सड़क योजना के कोटा पर भी चर्चा की। केंद्र के अधिकारियों के साथ कृषि वैज्ञानिकों के भव्य आयोजन पर भी चर्चा हुई। हमने किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य में अभियान चलाया है। इस पर भी केंद्र सरकार के साथ चर्चा हुई। राज्य की वित्तीय व्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी चर्चा हुई। जल जीवन मिशन, नागरिक आपूर्ति निगम, राज्य सरकार को समय पर भुगतान, सिंहस्थ सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। मुझे इस बात का संतोष है कि मध्यप्रदेश ने वित्त, कृषि, जल संसाधन, अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में देश में नंबर-1 स्थान हासिल किया है। हमारी प्रगति संतोषजनक है। जल शक्ति मंत्रालय केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना के लिए एक-एक लाख करोड़ की राशि प्रदान करने वाला है। बैठक में इस विषय की भी समीक्षा की। गुजरात और महाराष्ट्र सरकारों का 1974 से 2024 तक चले करार की फिर से समीक्षा करते हुए विस्तृत चर्चा की गई। मुझे इस बात का गर्व है कि नल जल योजना में मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से काम करने वाला राज्य है। राज्य सरकार विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। विश्व में हो रहे खाड़ी युद्ध पर नजर रखी जा रही है। हमने राज्य में गैस की कालाबाजारी रोकी है। राज्य में एलपीजी और सीएनजी की पर्याप्त व्यवस्था की है।
आज नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री, आदरणीय भाई साहब श्री @ChouhanShivraj जी से भेंट की। इस दौरान मप्र के किसानों से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की।
भावान्तर योजना के तहत सरसों खरीदी संबंधी राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी… pic.twitter.com/Yd2H1b5StY
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 12, 2026