गुजरात : 1992 के राधिका जिमखाना हत्याकांड का अभियुक्त सात साल फरार रहने के बाद पकड़ा गया

गुजरात : 1992 के राधिका जिमखाना हत्याकांड का अभियुक्त सात साल फरार रहने के बाद पकड़ा गया

गुजरात : 1992 के राधिका जिमखाना हत्याकांड का अभियुक्त सात साल फरार रहने के बाद पकड़ा गया
Modified Date: June 21, 2026 / 08:47 pm IST
Published Date: June 21, 2026 8:47 pm IST

अहमदाबाद, 21 जून (भाषा) राधिका जिमखाना हत्याकांड के एक अभियुक्त को सात साल तक फरार रहने के बाद गुजरात पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

यह हत्याकांड गुजरात में गिरोह-हिंसा की ऐसी पहली घटना थी जिसमें एके 47 असॉल्ट राइफ़लों का इस्तेमाल हुआ था ।

अहमदाबाद अपराध शाखा ने बताया कि जिमखाना हत्याकांड और पूर्व राज्यसभा सदस्य रऊफ वलीउल्लाह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे मोहम्मद तस्लीम उर्फ ​​मोहम्मद तस्लीम मोहम्मद उमर शेख को राजस्थान से एक संयुक्त अभियान में गिरफ़्तार किया गया।

उसने बताया कि अंडरवर्ल्ड डॉन अब्दुल लतीफ़ के गैंग का पूर्व शूटर तस्लीम, साबरमती केंद्रीय कारागार से अस्थायी पैरोल पर रिहा होने के बाद 2019 में फरार हो गया था और तब से अपनी पहचान, ठिकाना एवं बातचीत के तौर-तरीके बार-बार बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।

पुलिस ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने राजस्थान में उसके ठिकाने का पता लगाया और एक खास अभियान के दौरान उसे धर दबोचा।

उसने बताया कि उसे साबरमती केंद्रीय कारागार वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस के मुताबिक, तस्लीम अब्दुल लतीफ़ के गिरोह का एक भरोसेमंद शार्पशूटर था तथा यह गिरोह 1990 के दशक में गुजरात में गिरोहों के बीच कई हिंसक संघर्ष में शामिल था।

उसे अहमदाबाद के ओधव इलाके में हुए राधिका जिमखाना हत्याकांड में दोषी ठहराया गया था। राधिका जिमखाने में तीन अगस्त 1992 को हथियारों से लैस एक गिरोह ने अपने विरोधी शराब तस्कर हंसराज त्रिवेदी को निशाना बनाने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी की थी।

इस हमले में नौ लोग मारे गए थे। पुलिस ने इसे गुजरात में एके-47 राइफ़लों के इस्तेमाल वाली पहली गैंग-वार घटना बताया था।

तस्लीम को पूर्व राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस नेता रऊफ़ वलीउल्लाह की हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था। वलीउल्लाह की अक्टूबर 1992 में अहमदाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने कहा कि यह हत्या वलीउल्लाह की उन कोशिशों से जुड़ी थी, जिनमें वह जिमखाना नरसंहार में गैंग की भूमिका का पर्दाफ़ाश करने की कोशिश कर रहे थे।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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