गुजरात सरकार ने प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना के दायरे से 49 अस्पतालों को पैनल सूची से हटाया

गुजरात सरकार ने प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना के दायरे से 49 अस्पतालों को पैनल सूची से हटाया

गुजरात सरकार ने प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना के दायरे से 49 अस्पतालों को पैनल सूची से हटाया
Modified Date: February 23, 2026 / 06:42 pm IST
Published Date: February 23, 2026 6:42 pm IST

गांधीनगर, 23 फरवरी (भाषा) गुजरात सरकार ने पिछले दो वर्षों में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के कार्यान्वयन में अनियमितताओं के लिए 49 अस्पतालों को संबंधित सूची से हटा दिया है। राज्य विधानसभा को सोमवार को यह जानकारी दी गयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 49 अस्पतालों में से 20 का पंजीकरण बाद में रद्द कर दिया गया क्योंकि उन्होंने निर्धारित मानदंडों का पालन किया, जबकि 29 अन्य चिकित्सा संस्थानों का पंजीकरण रद्द ही रहा।

विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया ने कहा कि योजना के नियमों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

पंशेरिया ने कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा द्वारा पीएम-जेएवाई योजना के तहत जामनगर के एक निजी अस्पताल में कथित अनियमितताओं के संबंध में उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी।

सदन में प्रस्तुत लिखित उत्तर के अनुसार, जेसीसीसी अस्पताल में 8,69,470 रुपये की अनियमितताएं पाई गईं। इस राशि को योजना के तहत सरकारी निधियों का दुरुपयोग माना गया।

मंत्री ने बताया कि अस्पताल पर 8.69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, संबंधित चिकित्सक डॉ. पार्थ वोरा को इस योजना के तहत ऑपरेशन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है और उनकी रिपोर्ट चिकित्सा परिषद को सौंप दी गई है।

पंशेरिया ने बताया कि राज्य सरकार प्रमुख स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाए रखती है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री अमृतम योजना के तहत गुजरात में वर्तमान में 2.73 करोड़ आयुष्मान कार्ड सक्रिय हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत माधव

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