गिरनार पहाड़ी पर शेर के हमले में बच्चे की मौत के बाद गुजरात सरकार ड्रोन, 25 ‘ट्रैकर’ तैनात करेगी
गिरनार पहाड़ी पर शेर के हमले में बच्चे की मौत के बाद गुजरात सरकार ड्रोन, 25 ‘ट्रैकर’ तैनात करेगी
अहमदाबाद, 13 जुलाई (भाषा) गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिरनार पहाड़ी पर शेर के हमले में 11 साल के लड़के की मौत के बाद राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कई उपायों की घोषणा की है जिनमें ड्रोन निगरानी, 25 नये ‘ट्रैकर’ की तैनाती और ‘शांत क्षेत्र’ घोषित किया जाना शामिल है, ताकि वन्यजीवों को कोई परेशानी न हो।
गुजरात के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने सोमवार को गांधीनगर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देशों के बाद लिया गया है।
उन्होंने बताया, “घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए तत्काल और कड़े कदम उठाए जाएं। आज हमने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाने का फैसला लिया गया।”
मोढवाडिया के मुताबिक, शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में मदद के लिए 25 नये वन्यजीव ‘‘ट्रैकर’’ नियुक्त किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि संवेदनशील जगहों पर स्थायी सुरक्षा चौकियां बनाई जाएंगी और तीर्थयात्रा मार्ग के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
मोढवाडिया के अनुसार, राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए जूनागढ़ जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि तेज संगीत और शोर-शराबे वाली अन्य गतिविधियों से वन्यजीवों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए पूरे इलाके को ‘शांत क्षेत्र’ घोषित किया जाएगा।
मोढवाडिया ने कहा, “हम शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आसपास के इलाकों की लगातार निगरानी करेंगे। तीर्थयात्रियों के लिए सलाह और सुरक्षा दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं फिर न हों।”
शनिवार तड़के गिरनार पहाड़ी पर परिवार के साथ चढ़ाई करते समय 11 वर्षीय मयूर चौहान की शेर के हमले में मौत हो गई थी।
अधिकारियों के मुताबिक, शेर ने सीढ़ियों के पास लड़के पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर ले गया। बाद में उसके अवशेष बरामद किए गए।
चश्मदीदों ने सीढ़ियों के पास तीन शेर देखने की बात कही थी। वन विभाग के अधिकारियों ने बाद में इलाके से एक शेरनी और दो शेर को पकड़ लिया।
घटना के बाद सीढ़ियों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। हालांकि, रविवार को उन्हें तीर्थयात्रियों के लिए फिर से खोल दिया गया।
गिरनार वन्यजीव अभयारण्य में स्थित गिरनार पहाड़ी पर देवी अंबा के मंदिर और अन्य हिंदू व जैन मंदिरों के दर्शन के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु इन सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हैं। इस अभयारण्य में बड़ी संख्या में एशियाई शेर पाए जाते हैं।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश

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