प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हमेशा रहती है गुरदीप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हमेशा रहती है गुरदीप
कुछ दिनों पहले प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महिला की फोटो दिखाई जा रही थी और साथ में ये बात सामने आ रही थी की कौन है ये महिला जिसे प्रधानमंत्री हर यात्रा में अपने साथ ले जाते है तो चलिए हम आपको बताते है की आखिर वो शख्शियत है कौन? ये महिला है जानी मानी भाषा अनुवादक गुरदीप चावला इनका शांत चेहरा देखकर किसी को ये अहसास ही नहीं होगा की ये ही हैं जो प्रधानमंत्री की सभी यात्रा के दौरान विभिन भाषाओ में अनुवाद करती है.आपके मन में कभी ऐसे सवाल आये हो कि पीएम जब विदेशों जाते हैं तो वो वहां के नेताओं से कैसे बात करते हैं और जब वे हिंदी में भाषण देते हैं तो दुसरे देश के नेता उनकी बातों को कैसे समझ पाते हैं। अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल आये हैं तो हम आपको इसका जवाब दे देते हैं.दरअसल विदेशी दौरे पर जब पीएम मोदी हिंदी में भाषण देते हैं तो गुरदीप पीछे बैठकर उसका अंग्रेजी में लाइव अनुवाद करती हैं, जिससे विदेशी मेहमान और नेता पीएम मोदी का भाषण को समझ पाते हैं.

तीन साल पहले बनी खास
आपको शायद तीन साल पहले संयुक्त राष्ट्र में पीएम मोदी का जोरदार भाषण याद होगा। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर सुनाया था और उनके इस भाषण की खुब तारीफ हुई थी. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की आप जिस आवाज को सुन रहे थे उसके पीछे गुरदीप चावला थीं। दरअसल, गुरदीप चावला पीएम मोदी के भाषण का अंग्रेजी में अनुवाद कर रही थीं और हम सब उनके माध्यम से भाषण सुन रहे थे.आपको बता दें कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर फेसबुक के सीईओ तक पीएम मोदी जिससे भी मिलते हैं गुरदीप उनके साथ दिखाई देती हैं.
भारत की फेमस अनुवादक हैं गुरदीप
गुरदीप चावला 27 साल से भाषा अनुवादक का कार्य कर रही हैं. साल 1990 में गुरदीप ने संसद भवन में भाषा अनुवादक के तौर पर कार्य करना शुरु किया था। संसद भवन के जैसे दस्तावेजों का अनुवाद करते हुए उन्होंने 1996 तक यहां काम किया। लगभग 6 साल तक संसद भवन में काम करने के बाद गुरदीप ने नौकरी छोड़ दी और पति के साथ अमेरिका चली गई. गुरदीप बताती हैं कि संसद में अनुवादक के तौर पर उन्हें जो ट्रेनिंग मिली, वो कोई प्रोफेशनल स्कूल नहीं सिखा सकता। गुरदीप ने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की और उसके बाद लोकसभा में दुभाषिया के रूप में अपना कैरियर शुरू किया, जहां उन्होंने पीएम के शासनकाल के दौरान पी.वी. नरसिंह राव को अटल बिहारी वाजपेयी के साथ छह महत्वपूर्ण वर्षों के लिए काम किया। गुरदीप एक सफल अनुवाद एजेंसी की मालिक है और कॉर्पोरेट कोचिंग भी चलती है साथ ही इनके दो बच्चे है.और ये आज भारतीय महिलाओ के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं।
गुरदीप बताती है कि शुरुआत में उन्हें इस काम से बड़ी बोरियत महसूस होती थी जब बड़े बड़े नेता के पीछे बैठ क्र शांत चित मन से बात सुननी पड़ती थी लेकिन आज ये उनके लिए किसी जूनून से कम नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में भी उनके अनुवादक के तौर पर कार्य किया जिसमे उनकी पहली यात्रा कनाडा और भारत की थी। द्वारा लगाया गया था.

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