तंत्रिका संबंधी विकार से जूझ रहे गुरुग्राम के लड़के ने कक्षा 10 में 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए
तंत्रिका संबंधी विकार से जूझ रहे गुरुग्राम के लड़के ने कक्षा 10 में 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए
गुरुग्राम (हरियाणा), 18 अप्रैल (भाषा) यदि आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चयी हैं तो कुछ भी असंभव नहीं है। गुरुग्राम के एक लड़के ने यह साबित किया जब उसने एक चिकित्सकीय संकट का सामना करते हुए सीबीएसई कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
छात्र सात्विक तिवारी के पिता सुशील तिवारी के अनुसार, जब उनका बेटा तीन साल पहले कक्षा 7 के अंतिम सत्र में था तब उसे जीबीएस एएमएएन का संक्रमण हो गया, जिसके कारण वह पांच घंटे के भीतर पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गया।
एक्यूट मोटर एक्सोनल न्यूरोपैथी (एएमएएन) गिलेन-बेरे सिंड्रोम (जीबीएस) का एक प्रकार है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली नसों पर हमला करती है, जिससे शरीर लकवाग्रस्त हो जाता है।
सुशील तिवारी ने बताया कि इस वजह से उनके बेटे को चार महीने पूरी तरह से वेंटिलेटर पर रहना पड़ा, उसे शरीर को हिलाने से लेकर हर छोटी सी चीज तक सब कुछ नए सिरे से सीखना पड़ा।
उन्होंने बताया कि आज भी सात्विक संतुलन व समन्वय संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है, जिसके लिए उसे सप्ताह में कई बार तीन घंटे की गहन फिजियोथेरेपी करानी पड़ती है।
सुशील तिवारी ने कहा कि उनके बेटे की कहानी दृढ़ता और मानवीय भावना की शक्ति का प्रमाण है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि उसकी कहानी उन अन्य छात्रों को अपार आशा प्रदान करेगी जो अपनी-अपनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।’’
भाषा अमित शफीक
शफीक

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