मतदाता सूची में सुधार के लिए ज्ञानेश कुमार पद्म भूषण के हकदार: समिक भट्टाचार्य

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मतदाता सूची में सुधार के लिए ज्ञानेश कुमार पद्म भूषण के हकदार: समिक भट्टाचार्य

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  • Publish Date - September 26, 2026 / 12:15 AM IST,
    Updated On - September 26, 2026 / 12:15 AM IST

कोलकाता, 25 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को राज्य में हिंसा-मुक्त विधानसभा चुनाव कराने और कथित अवैध बांग्लादेशियों को बाहर निकालकर मतदाता सूची की ‘‘सफाई’’ करने का श्रेय देते हुए शुक्रवार को कहा कि वह ‘‘कम से कम’’ पद्म भूषण पुरस्कार के हकदार हैं।

सीईसी के पक्ष में भट्टाचार्य का यह बयान निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर उठे विवाद के बीच आया है। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित तौर पर अपने नाम पर लिए गए फैसलों पर आपत्ति जताई थी।

पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

भट्टाचार्य ने उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सीईसी कुमार को ‘‘देशद्रोही’’ करार दिया था।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार कम से कम पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने के हकदार हैं। पश्चिम बंगाल के लोग खुश हैं कि इतने लंबे समय के बाद डर का माहौल नहीं रहा, चुनाव के दौरान हत्या जैसी कोई घटना नहीं हुई और लोगों को वास्तव में अपना वोट डालने का अधिकार मिला।’’

उन्होंने सीमा पार से होने वाली घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को श्रेय दिया और दावा किया कि सीईसी ने ‘‘मतदाता सूची को साफ करने’’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भाषा खारी वैभव

वैभव