ओलंपिक चैम्पियन को हराकर रजत जीतने से स्वर्ण चूकने की निराशा दूर करने में मदद मिली : इलावेनिल

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ओलंपिक चैम्पियन को हराकर रजत जीतने से स्वर्ण चूकने की निराशा दूर करने में मदद मिली : इलावेनिल

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  • Publish Date - September 26, 2026 / 07:19 AM IST,
    Updated On - September 26, 2026 / 07:19 AM IST

नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) राइफल निशानेबाज इलावेनिल वालारिवन ने कहा कि मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैम्पियन दक्षिण कोरिया की बान योजिन को हराकर एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा का रजत पदक जीतने से उन्हें महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में आखिरी समय तक शीर्ष पर रहने के बाद स्वर्ण चूकने की निराशा दूर करने में मदद मिली ।

इलावेनिल समेत आठ भारतीय निशानेबाजों का शुक्रवार की देर रात जापान से भारत लौटने पर भव्य स्वागत किया गया ।

इलावेनिल ने कहा ,‘‘ मैं खुशकिस्मत हूं कि देश का प्रतिनिधित्व करने और पदक जीतने का मौका मिला । स्वर्ण नहीं जीत पाने की निराशा है लेकिन अभी यह शुरूआत है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मैंने विश्व चैम्पियन और ओलंपिक चैम्पियन को हराया जो तीसरे स्थान पर रही । मेरे पास शानदार टीम है और हमारी ट्रेनिंग सही थी । इस पदक से आत्मविश्वास बढा है और मुझे पता है कि मेरी तैयारी सही रास्ते पर है ।’’

भारतीय निशानेबाजी दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्ष के मैराज अहमद खान ने कहा ,‘‘ पिछले 25 साल से मैं काम कर रहा हूं । मैने 2006 एशियाई खेलों में पहला पदक जीता था और दो दशक बाद देश के लिये पदक जीता है ।’’

दो रजत पदक जीतने वाले अनंतजीत सिंह नरूका ने कहा ,‘‘ यह काफी मायने रखता है । मैने चीन में भी दो पदक जीते थे और इस बार भी । हम सभी के लिये यह गर्व का पल है । हमने इसके लिये काफी मेहनत की थी । पदक का रंग बेहतर होता तो और अच्छा लगता लेकिन खुशी है कि दो पदक जीते ।’’

भाषा मोना

मोना