अगर राम मंदिर विवाद कांग्रेस राज में होता, तो भाजपा पूरे देश को आग में झोंक देती : विक्रमादित्य

अगर राम मंदिर विवाद कांग्रेस राज में होता, तो भाजपा पूरे देश को आग में झोंक देती : विक्रमादित्य

अगर राम मंदिर विवाद कांग्रेस राज में होता, तो भाजपा पूरे देश को आग में झोंक देती : विक्रमादित्य
Modified Date: July 7, 2026 / 06:57 pm IST
Published Date: July 7, 2026 6:57 pm IST

शिमला, सात जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को कहा कि अगर राम मंदिर चढावा चोरी का मामला कांग्रेस के कार्यकाल में हुआ होता, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूरे देश में अशांति फैला देती।

भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोग इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर ऐसी घटना कांग्रेस सरकार के तहत हुई होती, तो भाजपा के नेता देश भर में अशांति भड़का देते और पूरे देश को आग में झोंक देते।’

उन्होंने भगवान राम के नाम को बदनाम किए जाने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए, इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की।

सिंह ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर के लिए चढावे में कथित वित्तीय घोटालों और अनियमितताओं, तथा करोड़ों रुपये के गबन के दावों से जुड़े आरोप पूरे देश की आस्था से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं।

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी ने न केवल भगवान राम, बल्कि देश की जनता के साथ भी विश्वासघात किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां सरकार के दबाव में काम कर रही हैं, जिसके कारण सच्चाई सामने आने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किए गए एकमात्र कांग्रेस मंत्री सिंह ने मंदिर के नाम पर कथित लूट और भ्रष्टाचार के आरोपों पर गहरा दुख व्यक्त किया।

सिंह ने यह भी कहा कि उनका परिवार पीढ़ियों से सनातन परंपराओं का पालन करता आ रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि हिमाचल प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान ही लागू किया गया।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में