हलाल प्रमाणन से हिंदुओं और सिखों की आजीविका को खतरा : हलाल नियंत्रण मंच का दावा

हलाल प्रमाणन से हिंदुओं और सिखों की आजीविका को खतरा : हलाल नियंत्रण मंच का दावा

हलाल प्रमाणन से हिंदुओं और सिखों की आजीविका को खतरा : हलाल नियंत्रण मंच का दावा
Modified Date: September 23, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: September 23, 2026 10:29 pm IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) हलाल नियंत्रण मंच ने साल के आखिर तक सभी राज्यों में अपने संगठन बनाने की योजना का जिक्र करते हुए बुधवार को कहा कि वह 28-29 सितंबर को सभी प्रांतों की राजधानियों में प्रदर्शन करेगा।

मंच का आरोप है कि हलाल प्रमाणन एक ‘‘साजिश’’ है, जिसका मकसद एक ‘‘समानांतर अर्थव्यवस्था’’ बनाना और पशु वध के कारोबार में हिंदुओं और सिखों को रोजगार से वंचित करना है।

हलाल नियंत्रण मंच को ‘हलाल कंट्रोल फोरम’ के नाम से भी जाना जाता है जो एक दबाव समूह है। यह खाद्य और व्यावसायिक उत्पादों पर हलाल प्रमाणन को अनिवार्य रूप से लागू करने के खिलाफ अभियान चला रहा है।

यहां विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, मंच के प्रवक्ता हरिंदर सिक्का और सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी पवन कुमार ने कहा कि उनका संगठन ‘‘हलाल नियंत्रण’’ के लिए कदम उठाने की मांग को लेकर पर्चे वितरित करेगा, सेमिनार और जनसभाएं आयोजित करेगा तथा केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और स्थानीय निकायों के प्रमुखों से मुलाकात करेगा।

कुमार ने कहा कि यह समूह इस साल के आखिर तक सभी राज्यों में ‘हलाल कंट्रोल फोरम’ बनाएगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘28 और 29 सितंबर को सभी राज्यों की राजधानियों में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे।’’

मंच ने कहा कि उसका अभियान सिख, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों पर केंद्रित होगा, जो उसके दावे के अनुसार, हलाल प्रमाणन से प्रभावित हुए हैं।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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