सोनिया की आत्मकथा 10 नवंबर को भारत में प्रकाशित करेगा ‘हार्परकॉलिन्स’

सोनिया की आत्मकथा 10 नवंबर को भारत में प्रकाशित करेगा ‘हार्परकॉलिन्स’

सोनिया की आत्मकथा 10 नवंबर को भारत में प्रकाशित करेगा ‘हार्परकॉलिन्स’
Modified Date: September 4, 2026 / 02:08 pm IST
Published Date: September 4, 2026 2:08 pm IST

नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) ‘हार्परकॉलिन्स इंडिया’ ने शुक्रवार को कहा कि वह कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी की आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ भारत में 10 नवंबर को प्रकाशित करेगा।

इसके साथ ही, ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ के साथ सोनिया के प्रतिनिधियों के ‘गतिरोध’ के बाद देश में पुस्तक के प्रकाशन को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है।

हार्परकॉलिन्स इंडिया ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे समय के सबसे बहुप्रतीक्षित राजनीतिक संस्मरणों में से एक, ‘बिलॉन्गिंग’, प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनत्व की एक दिलचस्प एवं बेहद निजी कहानी है और यह भारत की यात्रा का एक दुर्लभ अंदरूनी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।’’

‘हार्परकॉलिन्स इंडिया’ की यह घोषणा पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) से जुड़े विवाद के बाद हुई है। पीआरएचआई शुरू में इस संस्मरण को प्रकाशित करने का इच्छुक था, लेकिन बाद में उसने कहा कि वह भारत में इसका प्रकाशक नहीं होगा।

विवाद की शुरुआत उन खबरों के बीच हुई जिनमें कहा गया था कि पांडुलिपि में संपादकीय बदलावों को लेकर प्रकाशक और लेखिका के प्रतिनिधियों के बीच मतभेद हैं।

कांग्रेस के कई नेताओं ने इस मामले में सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दे उठाए थे। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि पेंगुइन इंडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और मोदी सरकार में चीन द्वारा ‘‘भारतीय क्षेत्र पर किए गए कब्जे’’ से संबंधित अंश हटाने का दबाव था।

पीआरएचआई ने पिछले सप्ताह ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक विशेष बयान में स्पष्ट किया था कि सोनिया गांधी की आत्मकथा को प्रकाशित नहीं करने के उसके फैसले के पीछे कोई बाहरी दबाव नहीं था बल्कि चर्चा के दौरान ‘‘एक विशेष मुद्दे’’ को लेकर गतिरोध सामने आया था, हालांकि इसे प्रकाशित करने के लिए वह इच्छुक था।

प्रकाशक ने समझौते और लेखक की गोपनीयता का हवाला देते हुए उस मुद्दे का खुलासा नहीं किया।

पीआरएचआई ने कहा था, ‘‘कुछ मामलों में वे बदलावों पर सहमत हुए और कुछ अन्य मामलों में हमने लेखिका के रुख को स्वीकार किया। दुर्भाग्य से और अंततः, एक खास मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।’’

पीआरएचआई, वैश्विक प्रकाशन समूह पेंगुइन रैंडम हाउस (पीआरएच) की भारतीय इकाई है।

अब ‘हार्परकॉलिन्स इंडिया’ द्वारा संस्मरण को भारत में प्रकाशित किए जाने के साथ ही यह पुस्तक 10 नवंबर से भारत में भी उपलब्ध होगी। इसी दिन पेंगुइन रैंडम हाउस की एक इकाई अल्फ्रेड ए. नॉफ द्वारा इसका अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन किया जाएगा।

अल्फ्रेड ए. नॉफ द्वारा कुछ दिनों पहले कहा गया था कि सोनिया गांधी अपनी आत्मकथा में भारत के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवारों में से एक में विवाह के बाद अपने जीवन, पति राजीव गांधी की हत्या के दुखद दौर और 2004 में प्रधानमंत्री पद अस्वीकार करने सहित कई निजी अनुभव साझा करेंगी।

सार्वजनिक रूप से अपने निजी जीवन के बारे में बहुत ही कम बात करने वालीं 79 वर्षीय सोनिया ने इस किताब में ‘‘युद्ध के बाद के इटली में अपने बचपन से लेकर अपने प्रेम-प्रसंग और उसकी वजह से भारत आने तक’’ की कहानी का वर्णन किया है।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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