ISRO EOS-05 Launch: इसरो ने रचा इतिहास, EOS-05 की सफल लॉन्चिंग पर पीएम मोदी ने दी बधाई, अब अंतरिक्ष से होगी चीन-पाक सीमा की निगरानी

ISRO EOS-05 Launch: इसरो ने रचा इतिहास, EOS-05 की सफल लॉन्चिंग पर पीएम मोदी ने दी बधाई, अब अंतरिक्ष से होगी चीन-पाक सीमा की निगरानी

ISRO EOS-05 Launch: इसरो ने रचा इतिहास, EOS-05 की सफल लॉन्चिंग पर पीएम मोदी ने दी बधाई, अब अंतरिक्ष से होगी चीन-पाक सीमा की निगरानी

ISRO EOS-05 Launch: इसरो ने रचा इतिहास, EOS-05 की सफल लॉन्चिंग पर पीएम मोदी ने दी बधाई, अब अंतरिक्ष से होगी चीन-पाक सीमा की निगरानी /image: Social Media

Modified Date: September 4, 2026 / 09:34 am IST
Published Date: September 4, 2026 9:32 am IST

श्रीहरिकोटा। ISRO EOS-05 Launch: भारतीय स्पेस एजेंसी ने श्रीहरिकोटा से EOS-05 ले जा रहे GSLV-F17 को आज 4 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। रात 2:55 बजे उड़ान भरने के बाद करीब 18 मिनट में सैटेलाइट (GSLV-F17 Launch Success) को उसकी कक्षा में स्थापित कर दिया गया। यह मिशन भारत के पहले जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट इमेजिंग सैटेलाइट को अंतरिक्ष की यात्रा पर भेजता है। EOS-05 करीब 36 हजार किमी की ऊंचाई से इमेजिंग करेगा। इससे चीन-पाक सीमा (China Pakistan Border Surveillance Satellite) पर निगरानी मजबूत होगी और आपदा प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। दो असफल लॉन्च के बाद ISRO ने शानदार वापसी की है।

पीएम ने बताया गौरव का क्षण

इसरो की इस उपलब्धि को पीएम नरेंद्र मोदी ने गौरव का क्षण बताया है। पीएम ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा- ISRO की एक और शानदार उपलब्धि और हमारे देश के लिए गर्व का क्षण। EOS-05 (भारत का पहला जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट इमेजिंग सैटेलाइट) ले जा रहे GSLV-F17 का सफल लॉन्च (ISRO EOS-05 Launch), भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की उत्कृष्टता, इनोवेशन और बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है। ISRO और भारतीय उद्योग के बीच बढ़ती साझेदारी हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ताकत और विस्तार दे रही है और पूरे अंतरिक्ष इकोसिस्टम में भारत की क्षमताओं को बढ़ा रही है।

 

इसरो प्रमुख ने कही ये बात (GSLV F17 Mission)

EOS 05 Satellite Launch Today इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने अपने बयान में कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि जीएसएलवी-एफ17 यान ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-05, जियो-इमेजिंग उपग्रह को सफलतापूर्वक और सटीक रूप से इच्छित और आवश्यक कक्षा में स्थापित कर दिया है। जीएसएलवी-एफ15 रॉकेट मिशन के मिशन निदेशक थॉमस कुरियन ने कहा कि यह जीएसएलवी द्वारा जीटीओ या सब-जीटीओ कक्षा में लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है।

ISRO Latest News 2026 उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है। जीएसएलवी ने सफलतापूर्वक अपना 19वां मिशन (EOS 05 Satellite Launch Today) पूरा कर लिया है, और इस मिशन में ईओएस-05 उपग्रह को ले जाया गया, जो एक विशिष्ट संरचना वाला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है और लगभग वास्तविक समय में इमेजिंग करने में सक्षम है। आगे कहा कि यह जीएसएलवी द्वारा जीटीओ या सब-जीटीओ कक्षा में प्रक्षेपित किया गया अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। प्रक्षेपण में केवल कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन उन कुछ मिनटों के पीछे महीनों और वर्षों का अथक परिश्रम होता है।

EOS-05 Satellite Features इस मिशन में ईओएस 5 नामक उपग्रह शामिल है, जिसे पृथ्वी से लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से भारत को देश का निरंतर विहंगम दृश्य प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। जीएसएलवी-एफ17 प्रक्षेपण यान 51.7 मीटर ऊंचा है और इसका लिफ्टऑफ द्रव्यमान 420.5 टन है, जो इसे भारत के सबसे बड़े परिचालन प्रक्षेपण यानों में से एक बनाता है।

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.