हरियाणा: मुख्यमंत्री के निर्णयों पर हुए अमल की सभी विभागों को देनी होगी साक्ष्य सहित रिपोर्ट

हरियाणा: मुख्यमंत्री के निर्णयों पर हुए अमल की सभी विभागों को देनी होगी साक्ष्य सहित रिपोर्ट

हरियाणा: मुख्यमंत्री के निर्णयों पर हुए अमल की सभी विभागों को देनी होगी साक्ष्य सहित रिपोर्ट
Modified Date: September 9, 2026 / 03:42 pm IST
Published Date: September 9, 2026 3:42 pm IST

चंडीगढ़, नौ सितंबर (भाषा) हरियाणा सरकार के सभी विभागों को अपनी जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री की बैठकों में लिए गए निर्णयों पर अमल की ठोस साक्ष्यों के साथ अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा मंगलवार को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसके तहत सभी विभागों को ‘कार्रवाई की जा रही है’ जैसी अस्पष्ट टिप्पणियों से बचने और प्रत्येक फैसले पर की गई कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड, निगमों व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य प्रशासकों तथा उपायुक्तों, उप-मंडलीय अधिकारियों और राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों (रजिस्ट्रार) को भेज दिए गए हैं।

आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक, विकासात्मक, जनकल्याण, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर मुख्यमंत्री की बैठकों में लिए गए निर्णयों को समयबद्ध और परिणाम-उन्मुख तरीके से लागू करने की आवश्यकता है।

एसओपी के तहत अब प्रत्येक फैसले को लेकर पांच प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर देने होंगे – क्या किया जाना है, कौन करेगा, कब तक करेगा, क्या परिणाम अपेक्षित है और काम पूरा होने का क्या प्रमाण होगा।

निर्देशों के अनुसार, ‘आवश्यक कार्रवाई करें’, ‘तत्काल कार्रवाई करें’ और ‘इसे देखें’ जैसी सामान्य शब्दावली के स्थान पर यथासंभव स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए।

नियम के मुताबिक, बैठक खत्म होने के तीन कामकाजी दिनों के भीतर बैठक में हुई चर्चा और फैसलों का विवरण तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद, जैसे ही बड़े अधिकारियों (सक्षम स्तर) से इसे मंजूरी मिलेगी, इसे संबंधित विभागों को भेज दिया जाएगा।

आंशिक रूप से पूरे हुए या लंबित कार्यों के लिए विभागों को अब तक की गई कार्रवाई, शेष कार्य, देरी के कारण, वर्तमान स्थिति, संशोधित या प्रस्तावित पूर्णता तिथि और संबंधित अधिकारी का विवरण देना होगा।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में