हरियाणा विधानसभा: मानसून सत्र के पहले दिन भारी हंगामे के कारण कार्यवाही दो बार स्थगित

हरियाणा विधानसभा: मानसून सत्र के पहले दिन भारी हंगामे के कारण कार्यवाही दो बार स्थगित

हरियाणा विधानसभा: मानसून सत्र के पहले दिन भारी हंगामे के कारण कार्यवाही दो बार स्थगित
Modified Date: August 27, 2026 / 04:28 pm IST
Published Date: August 27, 2026 4:28 pm IST

चंडीगढ़, 27 अगस्त (भाषा) हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को सदन में तब भारी हंगामा देखने को मिला जब कांग्रेस विधायकों ने विरोध मार्च निकालते समय विधानसभा के द्वार पर उन्हें रोकने और उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की किए जाने को लेकर आपत्ति जताई।

कांग्रेस विधायकों ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है? वहीं, विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कहा कि नियमों का पालन करना हर किसी की जिम्मेदारी है।

सदन में हंगामे की स्थिति के मद्देनजर कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने सुबह काले कपड़े पहनकर हाई कोर्ट चौराहे से विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला।

वे विभिन्न मुद्दों के संबंध में तख्तियां लेकर मार्च निकाल रहे थे। इनमें युवाओं से जुड़े मुद्दे, राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी, सफाई कर्मचारियों की स्थिति और कथित घोटाले शामिल थे।

सुरक्षाकर्मियों ने विधानसभा के प्रवेश द्वार के निकट प्रदर्शन कर रहे विधायकों को रोक दिया। विधायकों से कहा गया कि जब तक वे अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं करते और तख्तियां नहीं हटा देते, तब तक उन्हें विधानसभा परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

बाद में विधायकों को तख्तियों के बिना विधानसभा के अंदर जाने की अनुमति दे दी गई।

विधानसभा में प्रवेश करने से पहले कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि पार्टी के विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की गई।

वत्स ने कहा कि विधानसभा के द्वार पर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिसके कारण कोहनी समेत उनके शरीर पर कई जगह चोट आई।

उन्होंने कहा, ‘‘क्या विधायकों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने का लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है? यह लोकतंत्र की हत्या है। मेरे हाथ में तो तख्ती भी नहीं थी।’’

विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू होने से ठीक पहले, विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सुरक्षाकर्मियों द्वारा उनकी पार्टी के विधायकों के साथ किए गए व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई।

हुड्डा ने कहा कि वह चार बार सांसद और छह बार विधायक रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने इससे पहले कभी इस तरह की स्थिति नहीं देखी।

इस पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने कहा, ‘‘नियमों का पालन करना हर किसी की जिम्मेदारी है।’’

जब हुड्डा ने दावा किया कि उनकी पार्टी के विधायकों को धक्का दिया गया, तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “मुझे पूरी जानकारी जुटानी होगी। इससे पहले मैं कोई आदेश नहीं दे सकता।’’

कल्याण ने कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि विधायकों को कई विशेषाधिकार प्राप्त हैं। लेकिन नियम उन्हें कई अन्य कार्य करने से रोकते हैं। यह अपेक्षा की जाती है कि सदस्य सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करें।’’

कांग्रेस विधायकों ने इस पर आपत्ति जताई और बैठने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी भारी हंगामा जारी रहा और कांग्रेस के सदस्य लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे।

इस दौरान सदन के नेता एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष का एक तय एजेंडा है—झूठ बोलना और किसी की बात न सुनना।

कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य रघुवीर सिंह कादियान ने आरोप लगाया कि विधानसभा के द्वार पर उनकी पार्टी के विधायकों को धक्का दिया गया, जो सदन के सदस्यों के रूप में उनके विशेषाधिकारों का उल्लंघन है।

कादियान ने कहा, ‘‘विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की गई।’’

सदन में हंगामा जारी रहा और इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही फिर से आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश


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