चंडीगढ़, 19 जून (भाषा) इंडियन नेशनल लोक दल के वरिष्ठ नेता संपत सिंह ने शुक्रवार को हरियाणा सरकार के मितव्ययिता और संसाधन-प्रबंधन से जुड़े व्यापक दिशानिर्देशों को महज दिखावा करार दिया।
पूर्व मंत्री सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार सादगी का उपदेश देती है और फिजूलखर्ची कम करने व ऊर्जा बचाने की वकालत करती है, लेकिन खुद भव्य आयोजन करती है।
उन्होंने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘एक ओर तो सरकार विभागों को खर्च कम करने और बिजली बचाने की सलाह देती है और दूसरों को रैलियां और जनसभाएं करने से रोकती है। वहीं दूसरी ओर, वह खुद गैर-ज़रूरी और फिजूलखर्ची को बढ़ावा देती है और बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित करती है।’’
हरियाणा सरकार ने 10 जून को सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्थानीय निकायों के लिए मितव्ययिता और संसाधन-प्रबंधन से जुड़े व्यापक दिशानिर्देश जारी किए थे।
सरकारी आदेश के मुताबिक, ये उपाय तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और सितंबर तक प्रभावी रहेंगे। इन उपायों का उद्देश्य आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम करना और पूरे राज्य में सतत तौर-तरीकों को बढ़ावा देना है।
सरकारी आदेश में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से कहा गया था कि वे इस दौरान जनसभाओं, रोड शो, जुलूसों और अन्य बड़ी सार्वजनिक सभाओं की अनुमति न दें।
संपत सिंह ने सुझाव दिया कि सरकार को सबसे पहले मंत्री को मुहैया कराए गए कर्मियों और प्रशासनिक ढांचे को छोटा करके अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए, जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने किया था।
सिंह ने हरियाणा की भाजपा सरकार से ‘‘बड़ी संख्या नियुक्त सलाहकारों और अधिकारियों’’को कम करने की मांग की, जो ‘‘सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं’’।
भाषा धीरज मनीषा
मनीषा