हरियाणा है वित्तीय आपातस्थिति के कगार पर, कर्ज 12 सालों में 456 प्रतिशत बढ़ा: सुरजेवाला
हरियाणा है वित्तीय आपातस्थिति के कगार पर, कर्ज 12 सालों में 456 प्रतिशत बढ़ा: सुरजेवाला
(फाइल फोटो के साथ)
चंडीगढ़, तीन मार्च (भाषा) कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मंगलवार को आरोप लगाया कि हरियाणा ‘‘आर्थिक आपातस्थिति’’ के कगार पर है तथा राज्य का कर्ज पिछले 12 वर्षों में 456 प्रतिशत बढ़ गया है।
सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट प्रस्तावों पर टिप्पणी करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि 2026-27 के इस बजट में हरियाणा के लोगों के कल्याण के नाम पर किए गए ‘दुष्ट हमले’ में ‘धोखे और छल’ का ‘मुखौटा’ उजागर हो गया है।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में पिछले 12 वर्षों में राज्य का कर्ज 456 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
उन्होंने दावा किया कि 2014 में जब हरियाणा में भाजपा सत्ता में आई थी, तब राज्य का कुल कर्ज 70,925 करोड़ रुपये था, लेकिन 2026-27 तक यह बढ़कर लगभग चार लाख करोड़ रुपये हो जाएगा, यानी 12 वर्षों में लगभग 3.23 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘पिछले 12 वर्षों से भाजपा सरकार हर दिन 74 करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है, यानी हर घंटे 3.08 करोड़ रुपये और हर मिनट 5,14,000 रुपये। हरियाणा के 2.80 करोड़ नागरिकों में हरेक पर अब 1,40,911 रुपये का कर्ज है।’’
सुरजेवाला ने कहा कि हर साल, पुराने कर्ज़ चुकाने के लिए नए कर्ज़ लिए जाते हैं तथा 2025-26 में, भाजपा सरकार ने लगभग 98,000 करोड़ रुपये का कर्ज़ लिया और उसमें से 64,042 करोड़ रुपये पुराने कर्ज़ चुकाने में इस्तेमाल किए।
कांग्रेस नेता ने कहा, “फिर भी, उन्होंने बजट में चालाकी से यह घोषित कर दिया कि केवल 36,376 करोड़ रुपये का कर्ज़ लिया गया था। कैग की रिपोर्ट ने इसका पर्दाफाश कर दिया।”
उन्होंने दावा किया कि यहां तक कि केंद्र के नीति आयोग ने भी 18 राज्यों की ‘वित्तीय स्थिति सूचकांक में हरियाणा को बिहार से भी नीचे 14 वें स्थान पर रखा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हरियाणा वित्तीय आपातस्थिति के कगार पर है।’’
भाषा
राजकुमार रंजन
रंजन

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