Virat Saraf Kidnapping Case : बहुचर्चित विराट सराफ अपहरण कांड में आया नया मोड़! 6 करोड़ की फिरौती मांगने वाली मास्टरमाइंड बड़ी मां समेत सभी दोषियों को हाईकोर्ट से लगा बड़ा झटका

बिलासपुर के चर्चित विराट सराफ अपहरण कांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोषियों की सजा के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि 6 करोड़ रुपये की फिरौती के लिए नाबालिग बच्चे का अपहरण करना बेहद गंभीर अपराध है और सभी साक्ष्य आरोपियों की साजिश को स्पष्ट रूप से सिद्ध करते हैं।

Virat Saraf Kidnapping Case : बहुचर्चित विराट सराफ अपहरण कांड में आया नया मोड़! 6 करोड़ की फिरौती मांगने वाली मास्टरमाइंड बड़ी मां समेत सभी दोषियों को हाईकोर्ट से लगा बड़ा झटका

Virat Saraf Kidnapping Case / Image Source : file

Modified Date: May 16, 2026 / 11:13 am IST
Published Date: May 16, 2026 11:05 am IST
HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विराट सराफ अपहरण कांड में दोषियों की अपील खारिज की।
  • 6 करोड़ रुपये की फिरौती के लिए 2019 में हुआ था कारोबारी के बेटे का अपहरण।
  • पीड़ित की बड़ी मां Neeta Saraf को साजिश का कथित मास्टरमाइंड बताया गया।

बिलासपुर: Virat Saraf Kidnapping Case  छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के चर्चित विराट सराफ अपहरण कांड में दोषियों की सजा के खिलाफ दायर अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने कहा कि फिरौती के लिए नाबालिग बच्चे का अपहरण करना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 364-A और 120-B के तहत गंभीर अपराध है।

इन चीज़ों ने आरोपियों के अपराध को किया सिद्ध

कोर्ट ने कहा कि सरकारी वकील यह साबित करने में सफल रहे कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत मिलकर नाबालिग बच्चे का अपहरण किया और फिरौती की मांग की। Bilaspur High Court Decision मामले में प्रस्तुत मौखिक साक्ष्य, पहचान संबंधी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और साइबर एनालिसिस रिपोर्ट ने आरोपियों के अपराध को स्पष्ट रूप से सिद्ध किया। युगलपीठ ने कहा कि अपहरण और फिरौती की मांग को अंजाम देने में आरोपियों की पूर्व नियोजित सोच और सामूहिक भूमिका से यह साबित होता है कि उन्होंने मिलकर आपराधिक साजिश रची, जो IPC की धारा 120-B के तहत दंडनीय है।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, 20 अप्रैल 2019 को बिलासपुर के कश्यप कॉलोनी निवासी व्यापारी विवेक सराफ का पुत्र विराट सराफ अपने घर के पास दोस्तों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी अनिल सिंह ने बच्चे का मुंह बंद किया और उसे वैगन-आर कार में बैठाकर ले गया। आरोपी हरेकृष्ण कुमार ने विराट को अपने दोस्तों के बीच पहचान लिया था और योजना के तहत उसका अपहरण किया गया।आरोपी बच्चे को पुराने बस स्टैंड, शिव टॉकीज चौक और तारबाहर चौक होते हुए बिलासपुर रेलवे स्टेशन की ओर ले गए।

Nita Saraf Mastermind 6 करोड़ रुपये की मांग

पहले से तय योजना के मुताबिक, अनिल सिंह के साथ राजकिशोर सिंह दूसरी डस्टर कार लेकर रेलवे स्टेशन के पास मौजूद था। वहां विराट को वैगन-आर से उतारकर डस्टर कार में बैठाया गया और उसे पन्ना नगर, जरहाभाठा स्थित राजकिशोर सिंह के घर ले जाया गया। घर पहुंचने के बाद बच्चे के हाथ-पैर बांध दिए गए और उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया। हरेकृष्ण कुमार ने विराट की आवाज में फिरौती की मांग का संदेश अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। बच्चे की सुरक्षित वापसी के बदले 6 करोड़ रुपये की मांग की गई।

साजिश के कथित मास्टरमाइंड पीड़ित की बड़ी मां निकली

मामले की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज किया और पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी। विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तथा मोबाइल नंबरों और अन्य साक्ष्यों की जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस अपहरण की साजिश के कथित मास्टरमाइंड पीड़ित की बड़ी मां नीता सराफ तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने पन्ना नगर, जरहाभाठा स्थित मकान से विराट को सकुशल बरामद कर लिया।

सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी

इस मामले में पुलिस ने नीता सराफ, राजकिशोर सिंह, अनिल सिंह, सतीश और हरेकृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया। इस पूरे मामले में विचारण न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए धारा 120-B IPC के तहत 14 वर्ष का कारावास और 10,000 जुर्माना, धारा 363/120-B IPC के तहत 7 वर्ष का कारावास और 10,000 जुर्माना, धारा 364-A/120-B IPC के तहत आजीवन कारावास और 25,000 जुर्माना , धारा 365/120-B IPC के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 जुर्माना, धारा 368/120-B IPC के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 जुर्माना। न्यायालय ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

हाईकोर्ट का फैसला

इन सजाओं के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। हालांकि, हाईकोर्ट ने सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का परीक्षण करने के बाद ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही माना और आरोपियों की सजा को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..