उच्च न्यायालय ने हजारीबाग में लड़की के साथ ‘बलात्कार और हत्या’ के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया

उच्च न्यायालय ने हजारीबाग में लड़की के साथ 'बलात्कार और हत्या' के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया

उच्च न्यायालय ने हजारीबाग में लड़की के साथ ‘बलात्कार और हत्या’ के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया
Modified Date: March 30, 2026 / 10:20 pm IST
Published Date: March 30, 2026 10:20 pm IST

रांची/हजारीबाग, 30 मार्च (भाषा) झारखंड उच्च न्यायालय ने हजारीबाग के बिष्णुगढ़ में 12 साल की लड़की के साथ कथित बलात्कार के बाद उसकी हत्या के मामले का सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया।

न्यायालय ने राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)और हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक को इस मामले में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया।

न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की पीठ ने लड़की के साथ कथित बलात्कार और निर्मम हत्या के बारे में 29 मार्च को छपी एक खबर पर संज्ञान लिया।

अधिवक्ता हेमंत कुमार शिकारवार ने अदालत में इस मामले को उठाया और पीठ को सूचित किया कि पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित की मां, जो एक ईंट भट्ठे में दिहाड़ी मजदूर है, को मामले में सबूतों से छेड़छाड़ करने की धमकी दी जा रही है।

उच्च न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने और उसपर प्रहार करने के मामले को गंभीरता से लिया।

अदालत के निर्देश पर हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ऑनलाइन माध्यम से पेश हुए।

अंजन ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

अदालत ने एसपी से सवाल किया कि प्राथमिकी दर्ज करने के पांच दिन बाद भी आरोपी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा सका।

लड़की 24 मार्च की रात को अपनी मां के साथ राम नवमी के अवसर पर निकाली गई ‘मंगला’ शोभायात्रा देखने के लिए बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के अपने पैतृक गांव गई थी।

पीड़िता के परिजनों ने प्राथमिकी में आरोप लगाया कि उसका अपहरण किया गया था और उसका शव 25 मार्च को गांव के एक खेत में मिला था।

झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने रविवार को कहा था कि मामले की त्वरित जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है।

एसआईटी को एक सप्ताह के भीतर अबतक की गई कार्रवाई के विवरण सहित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

इस बीच, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना के विरोध में हजारीबाग में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया।

अधिकारियों ने बताया कि जिले में कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

बंद को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। थोक विक्रेताओं के साप्ताहिक बंद के कारण जिले में दुकानें और अन्य खुदरा प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और शैक्षणिक संस्थान व बैंक सहित वाणिज्यिक प्रतिष्ठान खुले रहे।

हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि बंद सफल रहा, क्योंकि व्यापारियों ने स्वेच्छा से इस उद्देश्य के लिए अपनी दुकानें बंद कीं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि अगर प्रशासन अगले दो दिनों में दोषियों को पकड़ने में विफल रहता है तो वे तीन अप्रैल को झारखंड बंद का आह्वान करेंगे।

झारखंड भाजपा की महिला शाखा की कार्यकर्ताओं ने भी रांची में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

भाजपा महिला शाखा की महासचिव सीमा सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है।’’

भाषा

शुभम धीरज

धीरज


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