नयी दिल्ली पांच मार्च (भाषा) दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) को राजधानी दिल्ली के निजी अस्पतालों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के मरीजों के मुफ्त इलाज से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सिंह ने कहा कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मरीज़ों का इलाज करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हम सभी अस्पतालों की निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मरीज़ों को सही समय पर उचित इलाज मिले।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के तहत फरवरी 2025 से लेकर जनवरी 2026 तक राजधानी के निर्धारित निजी अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के कुल आठ लाख 74 हजार 867 मरीज़ों ने ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में जबिक 57 हजार 102 मरीज़ों ने आईपीडी (आंतरिक रोगी विभाग) में मुफ़्त सुविधा का लाभ उठाया है।
मंत्री के मुताबिक, इससे अप्रैल 2024 से लेकर जनवरी 2025 तक ईडब्ल्यूएस श्रेणी में सात लाख 23 हजार 271 मरीजों ने ओपीडी में जबकि 41 हजार 900 मरीजों ने आईपीडी में इलाज प्राप्त किया था।
सिंह ने कहा कि फिलहाल, राजधानी दिल्ली में चिन्हित 56 निजी अस्पतालों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मरीज़ों को 25 फीसदी ओपीडी सेवा और 10 फीसदी आईपीडी बेड मुफ़्त देने के प्रावधान किए गए हैं।
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