Health Minister On Dengue In West Bengal : बढ़ते डेंगू को देख स्वास्थ्य मंत्री ने जारी की नई सलाह, लड़कियों को स्कर्ट छोड़ पहननी होगी सलवार, लड़कों के लिए भी बदला पहनावा

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पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने स्कूली बच्चों के पहनावे को लेकर खास सलाह दी है। सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में लड़कियों को स्कर्ट की जगह पैर ढकने वाली सलवार और लड़कों को फुल पैंट व फुल आस्तीन की कमीज पहनाने की अपील की गई है।

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  • Publish Date - September 4, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - September 4, 2026 / 08:24 PM IST

Health Minister On Dengue In West Bengal

HIGHLIGHTS
  • डेंगू से बचाव के लिए लड़कियों को स्कर्ट की जगह पैर ढकने वाली सलवार पहनाने की सलाह।
  • लड़कों को फुल पैंट और फुल आस्तीन की कमीज पहनकर स्कूल जाने की अपील।
  • बंगाल में इस साल अब तक 4 हजार से ज्यादा डेंगू केस और 7 मौतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

कोलकाता : Health Minister On Dengue In West Bengal :  पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी ने स्कूली बच्चों के पहनावे को लेकर एक नई सलाह जारी की है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि आगामी तीन महीनों सितंबर, अक्टूबर और नवंबर तक लड़कियां स्कूल में स्कर्ट के स्थान पर पूरे पैर ढकने वाली सलवार पहनें। इसके साथ ही उन्होंने लड़कों को भी पूरी पैंट और फुल आस्तीन की कमीज पहनकर स्कूल जाने की हिदायत दी है ताकि डेंगू फैलाने वाले मच्छरों से बचाव हो सके।

क्यों दी ऐसी सलाह ?

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, पतले मोजे या स्कर्ट पहनने से पैरों में मच्छर आसानी से काट लेते हैं, इसलिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना बेहद जरूरी है। इस सलाह पर चिकित्सा विशेषज्ञों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई हैं। जहां डॉ. रुद्रजीत पाल और मेडिविजन के मानस बर्मन ने इसे मेडिकल दृष्टिकोण से सही और सुरक्षात्मक उपाय बताया है, वहीं डॉ. उत्पल बनर्जी का कहना है कि सिर्फ पहनावा बदलने से डेंगू खत्म नहीं होगा, बल्कि इसके लिए मच्छरों के पनपने के स्रोतों को नष्ट करना और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है।

राज्य में वर्ष 2026 में अब तक 4,000 से अधिक डेंगू के मामले

आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में वर्ष 2026 में अब तक 4,000 से अधिक डेंगू के मामले दर्ज हुए हैं और 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कोलकाता, हावड़ा, उत्तर व दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दी गई इस सलाह का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली बच्चों को डेंगू के खतरे से बचाना है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पहनावे में बदलाव के साथ-साथ अगर जलजमाव की रोकथाम, साफ-सफाई और मच्छरदानी के इस्तेमाल जैसे अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, तभी डेंगू के संक्रमण पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पाया जा सकता है।

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पश्चिम बंगाल में स्कूली बच्चों के पहनावे को लेकर क्या सलाह दी गई है?

लड़कियों को सितंबर, अक्टूबर और नवंबर तक स्कर्ट की जगह पूरे पैर ढकने वाली सलवार पहनने की सलाह दी गई है। लड़कों को फुल पैंट और फुल आस्तीन की कमीज पहनने को कहा गया है।

बच्चों के पहनावे में बदलाव की सलाह क्यों दी गई है?

इसका उद्देश्य बच्चों के शरीर को ज्यादा ढककर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के काटने से बचाव करना है।

क्या सिर्फ कपड़े बदलने से डेंगू पर नियंत्रण पाया जा सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े मच्छर के काटने से बचाव में मदद कर सकते हैं, लेकिन डेंगू नियंत्रण के लिए जलजमाव रोकना, मच्छरों के प्रजनन स्रोत नष्ट करना और साफ-सफाई जैसे उपाय भी जरूरी हैं।