उत्तराखंड में 65 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों, दिव्यांगों के घर जाकर करें नोटिस पर सुनवाई : सीईओ
उत्तराखंड में 65 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों, दिव्यांगों के घर जाकर करें नोटिस पर सुनवाई : सीईओ
देहरादून, पांच अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को दिव्यांग एवं 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाताओं के घर जाकर नोटिस की सुनवाई और उनका निस्तारण करने के निर्देश दिए।
पुरुषोत्तम ने ये निर्देश कुमांऊ और गढ़वाल के मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दिये। वह प्रदेश में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी डीईओ को निर्देश दिए कि 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के घर पर जाकर जारी नोटिसों की सुनवाई की जाए और इस बात का विशेष ध्यान रहे कि विसंगति वाले नोटिस के मामलों में बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं को अनावश्यक रूप से बूथ पर न आना पड़े।
उन्होंने कुमांऊ आयुक्त दीपक रावत एवं गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरुप को अपने-अपने मंडलों में स्वयं जिलेवार भ्रमण कर ‘सुपर चैकिंग’ के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि 14 जुलाई को मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उसमें विसंगतियां पाए जाने या ‘मैपिंग’ न होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक पूरे प्रदेश में 19 लाख यानी 77 प्रतिशत नोटिस मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं।
विजय ने बताया कि उन नोटिस पर सुनवाई का काम जारी है और सभी जिलों में एक अगस्त से लेकर तीन सितंबर तक सुनवाई की तिथि तय की गयी है।
भाषा दीप्ति शफीक
शफीक

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