मादक पदार्थों के मुद्दे पर गुजरात विधानसभा में तीखी बहस
मादक पदार्थों के मुद्दे पर गुजरात विधानसभा में तीखी बहस
गांधीनगर, 25 फरवरी (भाषा) गुजरात के जामनगर और कच्छ जिलों में मादक पदार्थों की जब्ती पर आम आदमी पार्टी (आप) विधायक हेमंत अहीर द्वारा चिंता जताए जाने के बाद बुधवार को विधानसभा में तीखी बहस के बीच कानून मंत्री ने राज्य में अपराधों की दर की तुलना पंजाब और केरल से की।
अहीर के सवाल का जवाब देते हुए कानून और न्याय मंत्री कौशिक वेकारिया ने कहा कि पिछले दो वर्ष में दोनों जिलों में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 135 मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 306 व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है और 244 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किये गए हैं।
वेकारिया गृह विभाग संभालने वाले उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की ओर से बोल रहे थे।
कानून मंत्री ने कहा कि गुजरात की 1,600 किलोमीटर लंबी तटरेखा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा से इसकी निकटता के कारण यह पश्चिमी राज्य समुद्री मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी के प्रति संवेदनशील है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और गुजरात पुलिस के समन्वित प्रयासों से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ये महज आंकड़े नहीं हैं; ये हमारे पुलिस अधिकारियों के साहसिक अभियानों को दर्शाते हैं, जो घोर अंधेरी रातों में अपनी जान जोखिम में डालकर इन खेपों को जब्त करते हैं।’’
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात में 561 अपराध दर्ज किए गए और अपराध दर 0.8 थी।’’ मंत्री के अनुसार ये आंकड़े देश में सबसे कम है, हालांकि उन्होंने इसके बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी।
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब में 11,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए और अपराध दर 37.6 प्रतिशत रही जबकि केरल में 30,697 अपराध दर्ज किए गए और अपराध दर 85.7 प्रतिशत रही।’’
पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता में है, जबकि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सत्तारूढ़ है।’’
जब आम आदमी पार्टी के विधायकों ने पंजाब के बारे में मंत्री की टिप्पणी का विरोध किया, तो वेकारिया ने कहा कि विपक्ष को सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए।
वेकारिया ने कहा, ‘‘मैंने कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की है। उन्हें सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैंने किसी सरकार का नाम तक नहीं लिया है।’’
जब विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने सदस्यों से इस मुद्दे को पंजाब बनाम गुजरात की बहस में नहीं बदलने का आग्रह किया, तो अहीर ने कहा कि वेकारिया ने ही दोनों राज्यों की तुलना का रास्ता खोला है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम गुजरात पुलिस को बधाई देते हैं, तो मादक पदार्थ की जब्ती पर हमें पंजाब पुलिस को भी बधाई देनी चाहिए। मैं जानना चाहता हूं कि मादक पदार्थ लाने वाले जहाजों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, और क्या इसमें शामिल लोगों के खिलाफ संपत्ति जब्ती की कार्यवाही की जा रही है?’’
इस सवाल का जवाब देते हुए वेकारिया ने कहा कि अकेले कच्छ जिले में ही मादक पदार्थ से जुड़े मामलों को लेकर अवैध संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की 125 कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बुलडोजरों ने 26,000 वर्ग मीटर में फैले अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया है और 32.2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।’’
वेकारिया ने सदन को यह भी बताया कि राज्य ने 2025-26 में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के एनडीपीएस प्रकोष्ठ के तहत एक मादक पदार्थ रोधी कार्यबल का गठन किया है, जिसके छह जोन में कार्यालय हैं और कुल 213 पद स्वीकृत हैं।
कांग्रेस विधायक अमित चावड़ा ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि गुजरात गांजे की तस्करी और खपत का केंद्र बनता जा रहा है और खुलेआम गांजा उगाने के मामले भी सामने आ रहे हैं।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष ने जानना चाहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कितने व्यक्ति गली-मुहल्लों में गांजा बेचने के बजाय संगठित मादक पदार्थ गिरोह के वास्तविक सरगना हैं।
भाषा
संतोष अविनाश
अविनाश

Facebook


