तेलंगाना विधानसभा में गोडसे को लेकर तीखी बहस, भाजपा नेता ने कहा: गोडसे आरएसएस सदस्य नहीं था
तेलंगाना विधानसभा में गोडसे को लेकर तीखी बहस, भाजपा नेता ने कहा: गोडसे आरएसएस सदस्य नहीं था
हैदराबाद, 24 मार्च (भाषा) तेलंगाना विधानसभा में मंगलवार को महात्मा गांधी की हत्या को लेकर तब तीखी बहस हुई, जब सत्तारूढ़ कांग्रेस ने नाथूराम गोडसे का आरएसएस से संबंध बताया लेकिन सदन में भाजपा के नेता महेश्वर रेड्डी ने पलटवार करते हुए कहा कि संघ का इस हत्यारे से कोई संबंध नहीं था।
बजट पर चर्चा के दौरान, राज्य की पंचायत राज मंत्री डी. अनुसूया सीताक्का ने रेड्डी को उस समय टोका जब वह केंद्र सरकार की विकास योजनाओं का विवरण दे रहे थे।
सीताक्का ने सवाल उठाया कि क्यों महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) हटाकर ‘बापूजी’ का नाम हटाया गया एवं नया वीबी-जी राम जी अधिनियम लाया गया।
उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी ने सबकुछ त्याग दिया था। उनकी हत्या आरएसएस के अनुयायियों ने की थी। गांधी जी ने हमें आजादी दिलाई। आपने उनका नाम (मनरेगा) हटा दिया है। गांधीजी की हत्या गोडसे ने की थी।”
उन्होंने दावा किया कि आरएसएस पर प्रतिबंध कांग्रेस नेता सरदार वल्लभभाई पटेल ने लगाया था।
सीताक्का ने कहा, ‘‘ ये आप लोग ही हैं जो गोडसे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, उसे एक वीर योद्धा बताते हैं। हमारे देश को स्वतंत्रता दिलाने वाले एक महान नेता की हत्या करने वाले व्यक्ति की प्रशंसा करना कैसे उचित हो सकता है?’’
इसके जवाब में रेड्डी ने विधानसभा अध्यक्ष जी प्रसाद कुमार से अनुरोध किया कि आरएसएस पर सीताक्का की टिप्पणियों को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया जाए।
रेड्डी ने कहा, “मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है। गोडसे कभी आरएसएस का सदस्य नहीं था। यहां तक कि उच्चतम न्यायालय ने भी यह स्पष्ट किया है। उन्हें (सीताक्का को) अपने वे शब्द वापस लेने चाहिए। आरएसएस से संबंधित उन शब्दों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाना चाहिए।”
मंत्री पोन्नल प्रभाकर ने सोमवार को विधानसभा के पास विरोध प्रदर्शन करने के लिए भाजपा की आलोचना की।
मंत्री वकिती श्रीहरि ने भाजपा सदस्यों को गोडसे के कृत्यों की निंदा करने की चुनौती दी।
श्रीहरि ने कहा, “मैं कट्टर हिंदू हूं। लेकिन मैं इसका इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करता।”
श्रीहरि की टिप्पणियों का जवाब देते हुए सदन में भाजपा के नेता ने कहा, ‘‘यह सच है कि गोडसे ने गांधी जी की हत्या की थी। पूरी दुनिया यह जानती है और उसे फांसी भी दी गई थी। लेकिन गोडसे कभी आरएसएस का सदस्य नहीं था। उसका आरएसएस से कोई संबंध नहीं था। मैं उन मंत्रियों से, जो इस मुद्दे पर बेवजह हंगामा कर रहे हैं, कह रहा हूं कि विषय से भटकना उचित नहीं है।’’
भाषा
राजकुमार नेत्रपाल
नेत्रपाल

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