बंगाल के मुख्यमंत्री को ले जा रहा हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण सिलीगुड़ी लौटा

बंगाल के मुख्यमंत्री को ले जा रहा हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण सिलीगुड़ी लौटा

बंगाल के मुख्यमंत्री को ले जा रहा हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण सिलीगुड़ी लौटा
Modified Date: September 8, 2026 / 02:04 pm IST
Published Date: September 8, 2026 2:04 pm IST

कोलकाता, आठ सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को ले जा रहे हेलीकॉप्टर को मंगलवार को खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण सिलीगुड़ी लौटना पड़ा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री कलिम्पोंग जा रहे थे, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र में हेलीकॉप्टर उतारना मुश्किल होने के कारण उन्हें वापस सिलीगुड़ी लौटना पड़ा।

उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर कुछ समय तक इलाके के ऊपर चक्कर लगाता रहा और फिर सिलीगुड़ी लौट आया, जहां शुभेंदु अधिकारी की योजना के अनुसार उत्तर कन्या में प्रशासनिक बैठक होनी है।

राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पहाड़ी क्षेत्र में दृश्यता कम होने के कारण हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से उतारना संभव नहीं था, इसलिए वह सिलीगुड़ी लौट आया। मुख्यमंत्री अपने निर्धारित प्रशासनिक कार्यक्रम जारी रखेंगे और संभव है कि कलिम्पोंग के कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से शामिल हों।’’

शुभेंदु अधिकारी ने पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका और पड़ोसी देश नेपाल में हाल में हुई तबाही को देखते हुए यह बैठक बुलाई है।

नौकरशाह ने बताया कि इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्र में आपदा से निपटने की तैयारियों और प्रशासन की प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा करना है।

मूल कार्यक्रम के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी को बागडोगरा हवाई अड्डे पहुंचना था और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए कलिम्पोंग जाना था।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मौसम की स्थिति हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं देती तो उनके लिए सड़क मार्ग से यात्रा करने की व्यवस्था भी तैयार रखी गई थी।’’

कलिम्पोंग टाउन हॉल में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पहाड़ी क्षेत्र के निवासियों के बीच विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ वितरित करने थे।

खराब मौसम के कारण शुभेंदु अधिकारी की हेलीकॉप्टर यात्रा प्रभावित होने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 11 अगस्त को खराब मौसम के कारण उनके हेलीकॉप्टर को पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलाघाट में आपात स्थिति में उतारना पड़ा था।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा


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