उच्च न्यायालय ने मिजोरम सरकार को असम राइफल्स की खाली की गई जमीन पर वृक्ष कटाई रोकने का आदेश दिया

उच्च न्यायालय ने मिजोरम सरकार को असम राइफल्स की खाली की गई जमीन पर वृक्ष कटाई रोकने का आदेश दिया

उच्च न्यायालय ने मिजोरम सरकार को असम राइफल्स की खाली की गई जमीन पर वृक्ष कटाई रोकने का आदेश दिया
Modified Date: April 22, 2026 / 01:15 pm IST
Published Date: April 22, 2026 1:15 pm IST

आइजोल, 22 अप्रैल (भाषा) गुवाहाटी उच्च न्यायालय की आइजोल पीठ ने मिजोरम सरकार को असम राइफल्स द्वारा खाली किए गए लाम्मुअल क्षेत्र में वृक्ष कटाई को अस्थायी रूप से रोकने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति माइकल जोथांखुमा और न्यायमूर्ति कौशिक गोस्वामी की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए, हालिया मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लिया, जिनमें बताया गया था कि विकास परियोजनाओं के लिए जगह बनाने के वास्ते स्थल पर मौजूद 400 पेड़ों में से 174 पेड़ों को काटा जा रहा है।

अदालत ने सोमवार को कहा कि इनमें से कई पेड़ एक सदी से भी अधिक पुराने बताए जा रहे हैं।

अदालत ने पाया कि खाली की गई जमीन के बैरक क्षेत्र में स्थित संरचनाएं 1897 में बनाई गई थीं और इन्हें विरासत स्थल घोषित किया गया है।

अपनी व्यवस्था में अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को शहर के बीचोंबीच सदियों पुराने पेड़ों की कटाई के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा।

राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता पी. भट्टाचार्य और याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता टी.जे. महंत की दलीलें सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने वृक्ष कटाई पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।

यह जनहित याचिका पर्यावरण कार्यकर्ता सियाज़ामपुई सैलो द्वारा दायर की गई थी, जो पर्यावरण और सामाजिक न्याय केंद्र (सीआईएसजे) का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

शहरी विकास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री के. सपडांगा ने पिछले महीने घोषणा की थी कि असम राइफल्स द्वारा खाली की गई भूमि पर मूलभूत ढांचा विकास कार्य जल्द ही शुरू होगा।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा


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