उच्चस्तरीय समिति ने धार्मिक जनसांख्यिकी में बदलाव पर राज्यों से मांगा पिछले 15 वर्षों का ब्योरा
उच्चस्तरीय समिति ने धार्मिक जनसांख्यिकी में बदलाव पर राज्यों से मांगा पिछले 15 वर्षों का ब्योरा
नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत गठित जनसांख्यिकीय बदलावों पर उच्चस्तरीय समिति (एचएलसीडीसी) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पिछले 15 साल में विभिन्न जिलों, औद्योगिक क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में धार्मिक जनसांख्यिकी में हुए ‘‘महत्वपूर्ण बदलावों’’ का ब्योरा मांगा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि समिति ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में इस अवधि के दौरान हुए बदलावों को दर्शाने वाला ‘‘टाइम सीरीज डेटा’’ और अन्य प्रशासनिक आंकड़े मांगे हैं।
समिति ने इसके अलावा, राज्यों से जनसांख्यिकी में ‘‘प्रमुख रुझानों’’ के बारे में अपना आकलन देने और 2011 से जनजातीय आबादी की धार्मिक संरचना से संबंधित आंकड़े भी उपलब्ध कराने को कहा है।
पत्र में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि ये आंकड़े सरकारी रिकॉर्ड के अनुरूप आधिकारिक एवं प्रामाणिक हों।
सूत्रों ने बताया कि राज्यों को धर्म के आधार पर अलग-अलग वर्गीकृत इतना बड़ा आंकड़ा जुटाने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि इस तरह के मानकों पर आंकड़े एकत्र नहीं किए जाते हैं।
मामले से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया अभी ‘‘प्रारंभिक चरण’’ में है और राज्यों पर ऐसा आंकड़ा उपलब्ध कराने के लिए दबाव नहीं डाला जाएगा, जो उनके पास मौजूद ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि अगर आंकड़े उपलब्ध नहीं होते हैं तो इस तरह के बदलावों के पैटर्न का अध्ययन करने के लिए प्रक्रिया के दौरान कुछ अन्य तरीके अपनाए जा सकते हैं।
भाषा जितेंद्र सुरेश
सुरेश

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