निर्वाचन आयोग से जुड़ा कार्टून बनाने को लेकर इंस्टाग्राम ने कार्टूनिस्ट के अकाउंट पर लगाई पाबंदी

निर्वाचन आयोग से जुड़ा कार्टून बनाने को लेकर इंस्टाग्राम ने कार्टूनिस्ट के अकाउंट पर लगाई पाबंदी

निर्वाचन आयोग से जुड़ा कार्टून बनाने को लेकर इंस्टाग्राम ने कार्टूनिस्ट के अकाउंट पर लगाई पाबंदी
Modified Date: September 29, 2026 / 10:27 pm IST
Published Date: September 29, 2026 10:27 pm IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य के ‘इंस्टाग्राम’ अकाउंट पर भारत में पाबंदी लगाये जाने के बाद, केरल कार्टून अकादमी ने उनके प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए इस ‘‘प्रतिबंध’’ को हटाने की मांग की है।

आचार्य के कार्टून में मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग के फैसलों पर सवाल उठाए जाने के बाद यह पाबंदी लगाई गई।

आचार्य के इंस्टाग्राम पेज पर प्रदर्शित एक संदेश में कहा गया, ‘‘भारत के सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमों के तहत कानूनी जरूरतों को देखते हुए हमने इस अकाउंट तक पहुंच को कुछ समय के लिए रोक दिया है।’’

राजनीतिक कार्टूनिस्ट मंजुल ने भी कहा है कि निर्वाचन आयोग पर बने उनके एक कार्टून पर भारत में कथित तौर पर रोक लगा दी गई है।

इस मामले ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद तूल पकड़ लिया है, जिसमें दावा किया गया था कि तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में तीन में से दो आयुक्त — सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी — ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों पर बार-बार सवाल उठाए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में संधू और जोशी ने आयोग द्वारा लिए गए फैसलों और जारी किए गए आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ये फैसले उनकी जानकारी या अनुशंसा के बिना लिए गए थे। वहीं, आयोग का कहना है कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।

इस घटनाक्रम के बारे में ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए आचार्य ने कहा कि 2023 में प्रकाशित उनके कुछ कार्टून भी ‘ब्लॉक’ किए जा रहे हैं।

उन्होंने पोस्ट किया था, ‘‘डर के आगे जीत नहीं है, साहेब! 2023 में छपे कुछ कार्टून भी अब ब्लॉक किए जा रहे हैं!’’

इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने इस मामले पर अब तक कोई अलग बयान जारी नहीं किया है।

इस पाबंदी पर प्रतिक्रिया देते हुए, आचार्य ने ‘एक्स’ पर नरेन्द्र मोदी का दिसंबर 2018 का एक बयान भी साझा किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने दिवंगत कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण के काम की तारीफ की थी और उनके ‘कॉमन मैन’ कार्टून के डिजिटाइजेशन पर उनके परिवार को बधाई दी थी।

आचार्य द्वारा साझा की गई खबर का शीर्षक था, ‘‘पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा, कार्टून में चीजों को दुरूस्त करने की क्षमता होती है और कार्टूनिस्ट ईश्वर के करीब होते हैं।’’

आचार्य ने पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा, ‘‘वाह मोदीजी वाह! ब्लॉक सरकार।’’

कार्टूनिस्ट मंजुल ने भी रविवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि सरकार या कानून प्रवर्तन एजेंसी के नोटिस के बाद, इंस्टाग्राम ने निर्वाचन आयोग के बारे में उनके एक कार्टून को देखने पर रोक लगा दी है।

मंजुल ने ‘एक्स’ पर वह कार्टून साझा करते हुए कहा, ‘‘यह कार्टून भारत के बाहर अभी भी दिख रहा है… लेकिन भारतीयों के लिए, निर्वाचन आयोग के बारे में इस कार्टून को देखना रोक दिया गया है। जब व्यंग्य को प्रतिबंधित किया जाता है, तो शायद इसका मतलब यही होता है कि कार्टून ने अपनी बात सही ढंग से कह दी है।’’

केरल कार्टून अकादमी ने भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंजुल और आचार्य के कार्टून पर लगाई गई पाबंदियों का कड़ा विरोध किया है।

अकादमी ने एक बयान में कहा कि कई अन्य कार्टूनिस्ट पर भी ऐसी ही पाबंदियां लगाई गई थीं, और चिंता जताई कि पीड़ित लोग खुलकर विरोध करने के लिए आगे नहीं आए।

अकादमी ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और कार्टूनिस्ट शंकर के बीच हुए एक संवाद को भी याद किया, जिसमें नेहरू ने उनसे कहा था, ‘‘मुझे बख्शना मत।’’ उनका यह कथन अक्सर उद्धृत किया जाता है।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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